एलिवेटेड पुल से ही गुजरेगी फ्रेट कॉरिडोर की पटरी, रेलवे बोर्ड की मुहर

हिन्दुस्तान, धनबाद
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पश्चिम बंगाल के दानकुनी से लुधियाना तक बिछ रही ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसीसी) के काम में तेजी आएगी। धनबाद स्टेशन के सामने एक एलिवेटेड पुल के माध्यम से रेल पटरी बिछाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड ने मंजूर किया। कई रेल क्वार्टर और ऑफिस तोड़े जाएंगे, और नई व्यवस्था के तहत सभी भवनों के लिए नए स्थान का प्रावधान किया जा रहा है।

एलिवेटेड पुल से ही गुजरेगी फ्रेट कॉरिडोर की पटरी, रेलवे बोर्ड की मुहर

पश्चिम बंगाल के दानकुनी से पंजाब के लुधियाना तक बिछ रही ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसीसी) के काम में तेजी आएगी। फ्रेट कॉरिडोर ने धनबाद में एक बाधा को पार कर लिया है। धनबाद स्टेशन के सामने डीएफसी की दोनों लाइनें एलिवेटेड पुल के ऊपर से ही गुजरेंगी। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग ने धनबाद रेल मंडल के साथ मिल कर धनबाद स्टेशन के सामने से फ्रेट कॉरिडोर की पटरी बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया था। इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने अन्य विभाग के रेल अधिकारियों के साथ मिल कर धनबाद स्टेशन के सामने एलिवेटेड पुल के ऊपर से रेल पटरी बिछाने का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा था। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया। रेल पटरी का नक्शा फाइनल होने के बाद धनबाद स्टेशन के भविष्य की तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद लगाई जा रही है। रेलवे जल्द धनबाद स्टेशन के उत्तरी और दक्षिणी छोर के भवन और अन्य यात्री सुविधाओं की रूपरेखा तय कर इसे मंजूरी के लिए बोर्ड को भेजने की तैयारी में है। इधर, नक्शा तय होते ही रेल पटरी बिछाने के काम में तेजी आ गई है。

मटकुरिया फुटबॉल ग्राउंड से पंपू तालाब तक बनेगा पुल

रेलवे के फाइनल नक्शे के अनुसार एलिवेटेड पुल मौजूदा धनबाद-गोमो ग्रैंड कार्ड सेक्शन के समानांतर बनेगा। एलिवेटेड ब्रिज नया बाजार रेल कॉलोनी के बगल में स्थित व गया पुल के पास स्थित मटकुरिया फुटबॉल ग्राउंड के ऊपर उठेगा। यह ब्रिज गया अंडरब्रिज के ऊपर से होते हुए कठपुल के आगे वाच एंड वार्ड पंपू तालाब दक्षिणी छोर स्थित पुराने ईस्ट केबिन तक आकर भूतल में मिल जाएगा।

कई रेल क्वार्टर और ऑफिस टूटेंगे

डीएफसीसी के लिए कई रेल क्वार्टर, रेलवे के ऑफिस, स्टोर टूटेंगे। रांगाटांड़ श्रमिक चौक के पास स्थित टाइप टू क्वार्टर नंबर 700 और 699 को तोड़ा जाएगा। गया पुल के प्रस्तावित चौड़ीकरण वाले स्थल के पास रेलवे और जमीन अधिग्रहण भी करेगा। आगे यह पीडब्ल्यूआई ओर आईओडब्ल्यू ऑफिस के बीच से होते हुए स्टेशन रोड रेलवे होटल कॉम्पलेक्स एरिया के पीछे के हिस्से को छूते हुए आगे बढ़ेगा। ब्रिज आरपीएफ के शस्त्रागार के सामने स्थित रोड से होते हुए रेलवे ग्राउंड की दक्षिणी छोर के कोने को छूते हुए आगे रेल पुलिस के अफसरों के बंगले और जीआरपी बैरक के ऊपर से गुजरेगा। आगे रनिंग रूम के सामने से होते हुए ईस्ट केबिन तक पहुंचेगा।

हटेगा आरपीएफ पोस्ट, रेल थाना और पार्सल ऑफिस

नई व्यवस्था के जमीन पर आते ही आरपीएफ पोस्ट, जीआरपी थाना, पार्सल ऑफिस, आरएमएस और इंजीनियरिंग विभाग का स्टोर टूट जाएगा। मास्टर प्लान में सभी भवनों के लिए नए स्थान का प्रावधान किया जा रहा है। रेल पुलिस के बैरक और रेल डीएसपी के आवास भी तोड़े जाएंगे। हिल कॉलोनी ब्लाइंड स्कूल को भी हटाया जाएगा।

सामान्य प्रश्न

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम कहाँ से कहाँ तक चल रहा है?
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम पश्चिम बंगाल के दानकुनी से पंजाब के लुधियाना तक चल रहा है।
Ravikant Jha

लेखक के बारे में

Ravikant Jha

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।


परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।


करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।


विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

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