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ढाई-तीन साल में डीवीसी की कोल कंपनियों पर निर्भरता होगी खत्म

ढाई-तीन साल में डीवीसी की कोल कंपनियों पर निर्भरता होगी खत्म

संक्षेप:

धनबाद। डीवीसी को तीन कोल ब्लॉक आवंटित किए गए हैं, जिससे वह कोयले के लिए कोल इंडिया पर अपनी निर्भरता को दो से तीन साल में समाप्त कर सकेगी। डीवीसी को सालाना 20 मिलियन टन कोयले की आवश्यकता है, और नए ब्लॉकों से उसे 49 मिलियन टन कोयला उत्पादन की संभावना है।

Jan 16, 2026 02:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद। डीवीसी को तीन कोल ब्लॉक आवंटन के बाद यह तय है कि कोल इंडिया पर कोयले के लिए डीवीसी की निर्भरता ढाई-तीन साल में खत्म हो जाएगी। कोयला मंत्रालय ने डीवीसी को आवंटित कोल ब्लॉक में खनन की स्वीकृति दे दी है। बिजली उत्पादन के लिए डीवीसी में सालाना 20 मिलियन टन से अधिक कोयले की खपत होती है। डीवीसी को ज्यादातर कोयले की आपूर्ति कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल और ईसीएल से होती रही है। अब डीवीसी को कोल ब्लॉक आवंटित हो जाने के बाद बीसीसीएल और ईसीएल की चिंता बढ़ गई है। इन दोनों कोयला कंपनियों को अभी से नए ग्राहक की तलाश शुरू करनी होगी।

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मालूम हो कि कोयला मंत्रालय के साथ डीवीसी का तीन कोल ब्लॉकों के लिए करार हो गया है। डीवीसी को आवंटित तीनों कोल ब्लॉकों से सालाना 49 मिलियन टन कोयला उत्पादन संभव है। यानि जरूरत से ज्यादा कोयला डीवीसी को स्वयं के कोल ब्लॉक से मिल जाएगा। डीवीसी के ज्यादातर पावर प्लांट झारखंड-बंगाल में है। इसलिए दूरी के हिसाब से डीवीसी को निकट स्थित कोयला कंपनियों से कोयला लेने में सुविधा होती थी। डीवीसी को आवंटित तीन कोल ब्लॉक भी नजदीक में हैं। धुलिया और पीरपैंती राजरहाट झारखंड में है तो मंदाकिनी कोल भी पड़ोसी राज्य ओडिशा में है। वर्तमान में डीवीसी को छह थर्मल पावर स्टेशन (टीपीएस) हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 6750 मेगावाट है, और ये झारखंड और पश्चिम बंगाल में स्थित हैं, जिनमें बोकारो, दुर्गापुर , और कोडरमा टीपीएस प्रमुख हैं, और भविष्य में विस्तार की योजनाएं भी हैं, जिसमें नए थर्मल पावर प्लांट अस्तित्व में आएंगे। जानकार बताते हैं कि तीन कोल ब्लॉक आवंटन से डीवीसी को प्रोजेक्ट विस्तारीकरण में मदद मिलेगी। रघुनाथपुर,कोडश्रमा आदि में विस्तारीकरण की योजना है। डीवीसी अपनी क्षमता 2030 तक 15 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन करने पर काम कर रही है। डीवीसी के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) झारखंड में स्थित है। दुर्गापुर स्टील थर्मल पावर स्टेशन (डीएसटीपीएस) पश्चिम बंगाल में स्थित है। कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (केटीपीएस ) झारखंड में स्थित है।