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दहेज विनाशकारी राक्षस के समान

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1 / 4कुम्हारपट्टी में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन पंडित गिरधारी शरण शास्त्री ने सुदाम कृष्ण की मित्रता का वर्णन करते हुए भक्तों को दहेज नहीं लेने और नहीं देने का संकल्प...

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2 / 4कुम्हारपट्टी में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन पंडित गिरधारी शरण शास्त्री ने सुदाम कृष्ण की मित्रता का वर्णन करते हुए भक्तों को दहेज नहीं लेने और नहीं देने का संकल्प...

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3 / 4कुम्हारपट्टी में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन पंडित गिरधारी शरण शास्त्री ने सुदाम कृष्ण की मित्रता का वर्णन करते हुए भक्तों को दहेज नहीं लेने और नहीं देने का संकल्प...

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4 / 4कुम्हारपट्टी में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन पंडित गिरधारी शरण शास्त्री ने सुदाम कृष्ण की मित्रता का वर्णन करते हुए भक्तों को दहेज नहीं लेने और नहीं देने का संकल्प...

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कुम्हारपट्टी में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन पंडित गिरधारी शरण शास्त्री ने सुदाम कृष्ण की मित्रता का वर्णन करते हुए भक्तों को दहेज नहीं लेने और नहीं देने का संकल्प दिलाया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि दहेज राक्षस के समान है, जो सिर्फ विनाश करता है। इससे पवित्र बंधन शर्मसार होता है और पूरे समाज को अंधकार के गर्त में ले जाता है। उन्होंने कहा कि दहेज के कारण ही बेटियां गर्भ में मारी जा रही है। ऐसे कुकृत्य करने वाला इंसान नरक भोगता है। भक्तों को मां बाप की सेवा की भी शपथ दिलायी गयी। कथा के दौरान शास्त्री जी ने कृष्ण-सुदामा मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया।

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  • Web Title:Dowry Like Destructive Monsters