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तीन बेटों से आश्रय की आस में धनबाद थाना पहुंची दिव्यांग मां

हिन्दुस्तान टीम,धनबादNewswrap
Sat, 04 Dec 2021 03:51 AM
तीन बेटों से आश्रय की आस में धनबाद थाना पहुंची दिव्यांग मां

धनबाद कार्यालय संवाददाता

विश्व दिव्यांग दिवस पर जब जिलेभर में दिव्यांगों के उत्थान के लिए कई कार्यक्रम प्रशासनिक व निजी स्तर पर आयोजित किए जा रहे थे, ठीक उसी समय 75 वर्षीय दिव्यांग रेणु देवी आश्रय की आस में धनबाद थाने में गुहार लगा रही थी। आरोप लगाया कि बुढ़ापे की बैसाखी बनने की बजाए बेटों ने तंग आकर उन्हें बुढ़ापे में बेघर कर दिया। रेणु देवी अपनी बेटी के साथ बैसाखी के सहारे शुक्रवार को धनबाद थाना पहुंची। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके तीन बेटे हैं। पहला बेटा प्रेम केसरी कपड़ा व्यवसायी है, दूसरा विजेंदर और नरेंद्र जूता का व्यवसाय करते हैं। बताया कि उनके पांच पुत्रों में से दो कि मृत्यु हो गई। आरोप लगाया कि बेटों से उन्हें आश्रय नहीं मिल रहा है। घर से निकालने का भी आरोप लगाया। पुलिस के समक्ष अपनी दास्तां सुनाते सुनाते बुजुर्ग महिला फफक- फफक कर रो रही थी। बताया कि 17 साल से एक बेटे के यहां रह रही थी, लेकिन वहां न सम्मान मिल रहा था, न आश्रय। मजबूरन उन्हें घर से निकल जाना पड़ा। तीन-तीन समृद्ध बेटे होने के बावजूद मां को दर-दर भटकना पड़ रहा है।

धनबाद पुलिस ने तीनों बेटों को थाना तलब किया। तीनों बेटों ने भी अपना पक्ष रखा। थाने में ही समझौता हुआ की रेणु देवी अपने एक बेटे नरेंद्र के यहां रहेंगी जबकि दो अन्य बेटे एक-एक हजार रुपए का मासिक खर्च देंगे। बताया कि रेणु को पूर्व से दिव्यांग पेंशन मिलती है। मौखिक समझौते के उपरांत बांड भरवा कर बुजुर्ग महिला को उनके बेटों के साथ भेज दिया गया।

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