शेयर मार्केट की तर्ज पर कोयले की होगी डिजिटल ट्रेडिंग

हिन्दुस्तान, धनबाद
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कोल एक्सचेंज नियम-2026 अधिसूचित किया गया है। भारत में विनियमित कोयला एक्सचेंज की स्थापना की तैयारी है। कोयले की डिजिटल ट्रेडिंग में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। स्टील, सीमेंट और पावर उद्योगों को लाभ होगा। नए नियमों के तहत कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

शेयर मार्केट की तर्ज पर कोयले की होगी डिजिटल ट्रेडिंग

धनबाद, विशेष संवाददाता। शेयर मार्केट की तर्ज पर कोयले की डिजिटल ट्रेडिंग होगी। केंद्र सरकार ने कोल एक्सचेंज नियम-2026 अधिसूचित कर दिया है। हालांकि इसको लेकर कई बातें अभी स्पष्ट नहीं हैं। जानकार बताते हैं कि भारत में विनियमित कोयला एक्सचेंज की स्थापना और कोयले की इलेक्ट्रॉनिक खरीदारी के ढांचे का मार्ग प्रशस्त करने की तैयारी है। कोल एक्सचेंज के रजिस्ट्रेशन, स्वामित्व, गवर्नेंस, कारोबार, निपटान और मार्केट की निगरानी के लिए ढांचा तय किया गया है। पारदर्शी तरीके से कीमत तय होने और कोयले के लेन-देन में दक्षता बढ़ने की संभावना है। समझ लीजिए शेयर मार्केट की तरह कोयले की डिजिटल ट्रेनिंग होगी, जिसमें कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन (सीसीओ) की अहम भूमिका होगी। मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक कोल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को नए ढांचे के तहत कोल एक्सचेंज के तौर पर पंजीकृत कराना होगा। इस क्रम में प्रथम पंजीकृत कोल एक्सचेंज का कामकाज शुरू होने के छह माह में पंजीकरण नहीं कराने वाले प्लेटफॉर्म को अपना कामकाज जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। स्टील, सीमेंट और पावर जैसे उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा कोयला व्यापार में बिचौलियों की भूमिका कम होगी और छोटे खरीदारों को भी उचित कीमत पर कोयला मिल सकेगा。

प्रमुख मुख्य बिंदु

मल्टी-टू-मल्टी ट्रेडिंग: अबतक कोयले की बिक्री वन-टू-मेनी (एक विक्रेता, कई खरीदार) मॉडल पर होती थी। अब उसे शेयर बाज़ार की तरह मल्टी-टू-मल्टी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया जाएगा।

एक्सचेंजों की भूमिका

नेशनल कोल एक्सचेंज ऑफ इंडिया और कोल एक्सचेंज लिमिटेड जैसी सहायक कंपनियों के माध्यम से डिजिटल कोयला व्यापार की सुविधा देंगे।

पारदर्शी मूल्य निर्धारण

खरीदार और विक्रेता एक ही पारदर्शी इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर सौदे कर सकेंगे।

मानकीकरण

कोयले का गुणवत्ता और ग्रेड के आधार पर स्टैंडर्डाइज (मानकीकृत) किया जाएगा, ताकि सही बाजार-आधारित कीमत तय हो सके।

लाइसेंसिंग

सीसीओ इन इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंजों को पंजीकृत और विनियमित करेगा, जिनके संचालन के लिए 25 वर्ष की मान्यता दी जाएगी।

सामान्य प्रश्न

कोल एक्सचेंज नियम-2026 कब अधिसूचित किया गया?
कोल एक्सचेंज नियम-2026 केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है।
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