वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में दो स्रोतों से होगी बिजली आपूर्ति
धनबाद में सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की बिजली क्षमता बढ़ाई जाएगी। अब इन प्लांटों को दो स्रोतों से बिजली मिलेगी, जिससे जलापूर्ति पर बिजली संकट का असर नहीं पड़ेगा। वर्तमान में एक ही स्रोत से बिजली आपूर्ति होने की वजह से जल संकट उत्पन्न होता था। नए निर्देशों से समस्याओं का समाधान होगा।

धनबाद, कार्यालय संवाददाता। जिले के सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की बिजली क्षमता बढ़ेगी। जिले के सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति होगी। भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, झमाडा के जामाडोबा, कुसमाटांड़ और निरसा सहित अन्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में दो स्रोतों से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद प्लांट में निर्बाध रूप से बिजली मिलेगी, जिससे जलापूर्ति पर बिजली संकट का असर नहीं पड़ेगा। वर्तमान में शहर के सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में एक स्रोत से बिजली की आपूर्ति हो रही है। अभी एक स्रोत से बिजली की आपूर्ति: बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में वर्तमान में एक स्रोत से बिजली की आपूर्ति हो रही है।
इस कारण जब बिजली संकट गहराता है तो जलापूर्ति पर खासा असर पड़ता है। पूरे शहर में जल संकट के लिए त्राहिमाम मच जाता है। साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। हालांकि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का प्रयास रहता है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पर्याप्त रूप से बिजली की आपूर्ति हो सके, ताकि जलापूर्ति पर कोई असर नहीं पड़े। इसके अलावा आंधी-बारिश के दौरान सब-स्टेशन की बिजली में तकनीकी खराबी आने पर भी जलापूर्ति पर असर पड़ता है। इसके मद्देनजर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में दो स्रोतों से बिजली की आपूर्ति की जाए, ताकि किसी एक स्रोत में खराबी आने पर दूसरे स्रोत से बिजली की आपूर्ति हो सके और लोगों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़े।
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