
पहली बार चलीं 10 स्पेशल ट्रेनें, अब नियमित होने की आस
धनबाद रेलवे स्टेशन के लिए 2025 विशेष ट्रेनों के मामले में यादगार रहा। पहली बार धनबाद से 10 स्पेशल ट्रेनें एक साथ चलीं। लोगों ने नियमित ट्रेनों की मांग की। धनबाद डिवीजन ने लोडिंग में दूसरे स्थान पर रहते हुए 16,323 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। नए साल में नियमित ट्रेनों की उम्मीदें हैं।
धनबाद, मुख्य संवाददाता। धनबाद रेलवे स्टेशन के लिए 2025 खास रहा। पहली बार धनबाद से एक साथ 10 स्पेशल ट्रेनें चलीं। धनबाद को कभी एक स्पेशल के लिए तरसना पड़ता था, उस स्टेशन पर रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की लाइन लगा दी। आलम यह रहा कि धनबाद से लंबी दूरी की जितनी नियमित ट्रेन नहीं खुलती उससे ज्यादा ट्रेन स्पेशल के रूप में चलीं। लोग चाहते हैं कि जिस तन्मयता से रेलवे ने 2025 में धनबाद पर स्पेशल ट्रेनों का प्यार लुटाया, उसी तरह प्रमुख रूटों पर स्पेशल ट्रेनों को नियमित कर दिया जाए। धनबाद से पहली बार दिल्ली के लिए दो सीधी ट्रेनें चली, जबकि वाया दिल्ली चंडीगढ़ के लिए भी अलग से द्वि साप्ताहिक ट्रेन ने त्योहारी मौसम में यात्रा को आसान बनाया।

पहली बार मुंबई, उधना (सूरत), यशवंतपुर व गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलीं। कोयंबटूर के लिए दो-दो विशेष ट्रेनें दी गईं। जबकि धनबाद होकर बरौनी से भी एक कोयंबटूर स्पेशल चलाई गई। कुल मिला कर 2025 स्पेशल ट्रेनों के मामले में धनबाद रेल मंडल के लिए यादगार रहा। सालभर चली स्पेशल ट्रेनों में उमड़ी भीड़ ने धनबाद से दिल्ली और मुंबई सहित कोयंबटूर, सूरत व यशवंतपुर के लिए नियमित ट्रेन का ठोस दावा भी पेश किया। तीन साल बाद फिर से दूसरे पायदान पर आ गया धनबाद: कोचिंग ट्रेनों ने जहां धनबादवासियों को खुशी दी, वहीं मालगाड़ी की गिरती लोडिंग ने धनबाद रेल मंडल को थोड़ा निराश किया। वित्तीय वर्ष के प्रथम साढ़े आठ माह (अप्रैल से 16 दिसंबर तक) की लोडिंग को देखें तो धनबाद डिवीजन देश में शीर्ष लोडिंग के दूसरे पायदान पर आ गया है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लोडिंग और लोडिंग से प्राप्त आय में धनबाद देश में नंबर वन रहा है। इस वर्ष 16 दिसंबर तक धनबाद डिवीजन ने 132.8 मिलियन टन लोडिंग कर 16,323 करोड़ रुपए का राजस्व आय प्राप्त किया है। धनबाद को पछाड़ने वाले बिलासपुर रेल मंडल ने अबतक 134.9 एमटी लोडिंग के साथ 16,828 रुपए का राजस्व अर्जित किया है। करीब 500 करोड़ रुपए की आमदनी से पीछे चल रहे धनबाद को उम्मीद है कि 31 मार्च-2026 तक ये फासले को पाट कर धनबाद फिर देश का सिरमौर बनेगा। चर्चा में रहा बरमसिया ओवरब्रिज व गया पुल: इस साल रेलवे का गया पुल और बरमसिया ओवरब्रिज चर्चा में रहा। 19 जून में बरमसिया रेल पुल के गार्ड वॉल धंसने के बाद पुल पर पहले भारी वाहनों का प्रवेश रोका गया, बाद में पुल पर 45 दिनों का अवागमन रोकर का उसे दुरुस्त किया जा रहा है। गया पुल के बगल में नया अंडरपास बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अबतक आरसीडी को रेलवे से एनओसी नहीं मिल सकी है। अधूरी रह गईं ख्वाहिशें - धनबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़ी ड्राइंग नहीं हो सकी फाइनल - धनबाद को किसी भी स्टेशन के लिए एक भी नियमित ट्रेन नहीं मिली - गरीब रथ के बदले चल रही धनबाद-भुवनेश्वर स्पेशल नहीं हो सकी नियमित - दक्षिणी छोर स्टेशन भवन को जोड़ने वाली जर्जर सड़क नहीं हो सकी दुरुस्त - पूजा टॉकीज के बगल में जमीन विवाद के कारण नहीं खुल सका रेल कोच रेस्टोरेंट नए साल की उम्मीदें - धनबाद से दिल्ली और मुंबई सहित अन्य रूटों के लिए नियमित ट्रेन की घोषणा - धनबाद स्टेशन के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर स्टेशन पुनर्विकास के काम की शुरुआत - गया पुल के बगल में नया अंडरपास बनेगा, ताकि जनता को जाम से मुक्ति मिल सके - बेकारबांध रेल कॉलोनी में नया पार्क, हिल कॉलोनी में नए स्टॉफ क्वार्टर बनेंगे - अग्नि प्रभावित धनबाद-चंद्रपुरा वैकल्पिक रेलवे लाइन का काम गति पकड़ेगा - धनबाद-गिरिडीह रेलवे लाइन पर काम शुरू होगा

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