
एक ही क्लास रूम में बैठाए गए पांच कक्षा के बच्चे
धनबाद के आदिवासी टोला भेलाटांड़ के प्राथमिक विद्यालय में केवल 26 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल में केवल दो सहायक अध्यापक हैं और क्लास रूम की कमी है। शाम को स्कूल के बरामदे में असामाजिक तत्वों की भीड़ लगती है। स्थानीय लोग शिक्षा विभाग से स्कूल की स्थिति सुधारने की मांग कर रहे हैं।
धनबाद, मुख्य संवाददाता। शहर के बीचोंबीच संचालित कई सरकारी प्रारंभिक स्कूलों की स्थिति बेहतर नहीं है। बात नया प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला भेलाटांड़ की हो रही है। स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा में मात्र 26 बच्चे नामांकित हैं। इनमें कक्षा एक में दो, कक्षा दो में छह, कक्षा तीन में पांच, कक्षा चार में तीन व कक्षा पांच में 10 बच्चे नामांकित हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए दो सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) हैं। स्कूल में मात्र दो क्लास रूम हैं। बरामदे में आंगनबाड़ी का संचालन होता है। मंगलवार (दोपहर 11.20 बजे) को स्कूल में एक ही रूम में पांचों कक्षा के बच्चे बैठे थे।

बच्चों के क्लास में कोई शिक्षक नहीं था। शिक्षिका जयंती देवी कार्यालय में कागजी काम में व्यस्त थीं। वहीं बगल का एक अन्य क्लास रूम पूरी तरह से खाली थी। ऐसे में स्कूल की स्थिति समझी जा सकती है। चहारदीवारी नहीं होने के कारण शाम में स्कूल के बरामदे में पियक्कड़ों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। शिक्षकों की ओर से स्थानीय लोगों और अभिभावकों से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन इसपर कोई ध्यान नहीं देता है। सुबह में स्कूल खुलने पर हमलोगों को रोज बरामदा साफ कराना पड़ता है। इसके बाद ही पढ़ाई शुरू हो पाती है। पूरे मामले में प्रधान शिक्षक नंदलाल महतो ने कहा कि चहारदीवारी नहीं होने के कारण शाम में गलत लोगों की भीड़ लगी रहती है। विभाग से अनुरोध है कि स्कूल की चहारदीवारी कराए। एमडीएम का संचालन मुश्किल: मंगलवार को स्कूल में रसोइया की ओर से मेन्यू के अनुसार खाना बनाया जा रहा था। स्कूल में कम छात्र संख्या के कारण मुश्किल से एमडीएम (मध्याह्न भोजन) का संचालन होता है। महंगाई का असर पर एमडीएम पर पड़ रहा है। विभाग ध्यान दे तो बेहतर स्कूल बनेगा: स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग स्कूल पर ध्यान दे तो और यह बेहतर स्कूल बनेगा। स्कूल का शैक्षणिक माहौल भी बेहतर हो जाएगा। विद्यालय से थोड़ी दूर पर आईआईटी धनबाद संचालित है। जल्द ही स्कूल में आधारभूत सुविधा की बढ़ोतरी के लिए स्थानीय लोग शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

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