Dhanbad News: शहर को अगले छह वर्षों तक जलजमाव से राहत मिलनी मुश्किल
Dhanbad News: धनबाद में जलजमाव समस्या गंभीर होती जा रही है। 2010 में बनाई गई सीवरेज ड्रेनेज योजना 15 वर्षों से निष्क्रिय है। 2024 से इस पर काम शुरू हुआ है, पहले चरण में 516 करोड़ की लागत से एसटीपी का निर्माण हो रहा है। पहले चरण का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Dhanbad News: धनबाद में हल्की बारिश के बाद होनेवाले जलजमाव से निपटने के लिए मेयर से लेकर निगम के अधिकारी तक सड़क पर उतरकर मशक्कत कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में हर बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या शहर में विकराल रूप ले रही है। इस समस्या से निपटने के लिए 2010 में सीवरेज ड्रेनेज योजना बनी थी। पिछले 15 वर्षों में इसके लिए सही ढंग से प्रशासनिक पहल नहीं होने की वजह से आजतक यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। 2024 से इसपर काम शुरू हुआ है लेकिन जमीन की वजह से इसकी रफ्तार धीमी चल रही है। सीवरेज-ड्रेनेज योजना दो चरणों में पूरी होने वाली है। पहले चरण में 516 करोड़ की लागत से पांच जगहों पर एसटीपी बनाया जा रहा है। एसटीपी उन जगहों पर निर्माण किया जा रहा है, जहां शहर का गंदा पानी आकर दामोदर में गिरता है। अब दामोदर में गिरने से पहले इस गंदे पानी को एसटीपी में डालकर साफ किया जाएगा, उसके बाद इसे दामोदर नदी में गिराया जाएगा। अभी तक इस योजना का सिर्फ 7.9 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। कई एसटीपी का निर्माण शुरू तक नहीं हुआ है। इसका खामियाजा है कि हल्की बारिश में ही शहर की हंस विहार कॉलोनी, लुबी सर्कुलर रोड, ग्रेवाल कॉलोनी, आठ लेन सड़क पर भारी जलजमाव हो जाता है。
दूसरे चरण में ड्रेनेज सिस्टम को किया जाएगा अंडरग्राउंड
सीवरेज ड्रेनेज योजना के दूसरे चरण में शहर की जितनी भी नालियां हैं, उसे अंडरग्राउंड करके फिर उसे एसटीपी से जोड़ा जाएगा। पहले चरण की योजना पूरी होने के बाद ही इसपर काम शुरू होगा। पहले चरण की योजना को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2027 रखा गया है। 2027 के बाद शहर के ड्रेनेज सिस्टम पर काम शुरू होगा और उसे पूरा होने में भी तीन साल का समय लग सकता है। 2032 से पहले धनबाद में ड्रेनेज सिस्टम सुधरने की संभावना बहुत कम दिखती है।
सीवरेज-ड्रेनेज योजना फेज वन की प्रगित रिपोर्ट
एसटीपी 1 (18 एमएलडी, सिजुआ) : 29 प्रतिशत
एसटीपी 2 (21 एमएलडी, पांडरकनाली) : 17 प्रतिशत
एसटीपी 3 (75 एमएलडी, पेटिया) : 12 प्रतिशत
एसटीपी 4 (60 एमएलडी, धनसार) : एक प्रतिशत
एसटीपी 5 (करमाटांड़, 21.9 एमएलडी) : काम शुरू नहीं


