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निरसा-गोविंदपुर में जाम से राहत के लिए युवा इंजीनियर ने सौंपा डिजाइन

निरसा-गोविंदपुर में जाम से राहत के लिए युवा इंजीनियर ने सौंपा डिजाइन

संक्षेप: धनबाद के प्रकाश कुमार, जो इम्पीरियल कॉलेज लंदन से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं, ने गोविंदपुर और निरसा में जाम की समस्या के समाधान के लिए डीसी को एक रोडमैप सौंपा है। उन्होंने जीटी रोड पर...

Fri, 17 Oct 2025 02:56 AMNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद, प्रमुख संवाददाता इम्पीरियल कॉलेज लंदन से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनेवाले धनबाद के प्रकाश कुमार ने गोविंदपुर और निरसा में लगनेवाले जाम की समस्या के समाधान के लिए डीसी को एक रोडमैप सौंपा है। इसमें जीटी रोड (एनएच-19) तथा धनबाद-गोविंदपुर मार्ग पर लंबे समय से बनी हुई जाम की समस्या के समाधान के लिए ठोस सुझाव दिए गए हैं। डीसी आदित्य रंजन को दिए पत्र में प्रकाश कुमार ने बताया कि किसान चौक (बरवाअड्डा) से खालसा होटल और साहिबगंज रोड जंक्शन तक जीटी रोड पर लगातार गंभीर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका एक प्रमुख कारण है मल्टी-एक्सल एवं भारी वाहनों के लिए यूटर्न लेने की समुचित व्यवस्था का अभाव।

इस कारण ट्रक सड़क के सभी लेनों को बाधित कर देते हैं और दोनों दिशाओं में लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने तकनीकी रूप से व्यावहारिक एवं कम लागत वाला समाधान सुझाया है। जीटी रोड पर तीन स्थानों पर ग्रेड-सेपरेटेड यू-टर्न संरचना (कुल छह संरचनाएं) बनाने का प्रस्ताव दिया। प्रत्येक संरचना की लागत लगभग ₹36-40 लाख और कुल अनुमानित व्यय ₹2.4 करोड़ बताया गया है। उनका सुझाव है कि यह कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट, धनबाद के माध्यम से गोविंदपुर एवं निरसा फ्लाईओवर परियोजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है, जिन्हें भारत सरकार ने पहले ही स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह समाधान आगामी फ्लाईओवरों की प्रभावशीलता बढ़ाने, यातायात प्रवाह सुचारू करने, दुर्घटनाओं को कम करने तथा समय और ईंधन की बचत में सहायक सिद्ध होगा। प्रकाश ने एनआईटी पटना से इंजीनियरिंग और इम्पीारियल कॉलेज लंदन से परिवहन अभियांत्रिकी में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्हें देश-विदेश के अनेक शहरी परिवहन परियोजनाओं का 20 वर्षों से अधिक अनुभव है। वे मॉरिशस लाइट रेल ट्रांजिट प्रोजेक्ट में इंटरफेस एवं कोऑर्डिनेशन एक्सपर्ट के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा वर्तमान में पुणे, नवी मुंबई और मुंबई मेट्रो परियोजनाओं की योजना एवं डिज़ाइन टीम का हिस्सा हैं।