Dhanbad News: अल्पमत वाले डीसीए को कार्रवाई का अधिकार नहीं : मेयर
Dhanbad News: धनबाद क्रिकेट संघ में विवाद के बीच मेयर संजीव सिंह ने विक्षुब्ध गुट का समर्थन किया। उन्होंने डीसीए की वर्तमान कमेटी के खिलाफ अविश्वास जताने वाले सदस्यों के साथ खड़े होने की बात कही। मेयर ने डीसीए की वित्तीय गड़बड़ी और परिवारवाद की भी आलोचना की।

Dhanbad News: धनबाद क्रिकेट संघ में उठे विवाद के बीच मेयर संजीव सिंह पहली बार खुलकर विक्षुब्ध गुट के साथ आ गए हैं। उन्होंने डीसीए मैनेजिंग कमेटी से धर्मेंद्र सिंह को हटाने और बालाशंकर झा को शोकॉज नोटिस देने पर सवाल उठाया। मेयर ने कहा कि 124 सदस्यों द्वारा डीसीए की वर्तमान कमेटी पर अविश्वास जताने के बाद किसी भी सदस्य पर कार्रवाई करना अनुचित और अनैतिक है। मेयर ने कहा कि डीसीए में व्याप्त परिवारवाद, पक्षपातपूर्ण निर्णय, वित्तीय गड़बड़ी और डीसीए पर कब्जा करने के विरुद्ध सदस्यों और धनबाद के पूर्व खिलाड़ियों ने पिछले कुछ माह से एक मुहिम शुरू की है। इस मुहिम को मेरा भी समर्थन प्राप्त है। लगभग 200 सदस्यों वाले डीसीए में 124 सदस्यों ने वर्तमान कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते हुए विशेष आमसभा बुलाने की मांग की है। इस संबंध में डीसीए को 21 जून 2026 को पत्र दिया जा चुका है। डीसीए के संविधान के अनुसार एक माह के अंदर विशेष आमसभा बुलानी अनिवार्य है।
वर्तमान समिति की आलोचना
मेयर ने कहा कि इतने विरोध के बाद भी डीसीए के वर्तमान पदाधिकारी अपने अनैतिक और अनुचित कार्यों से बाज नहीं आ रहे हैं। 26 जून 2026 को वर्तमान कमेटी ने प्रबंध समिति की बैठक बुलाकर बिना किसी कारण सहायक सचिव धर्मेंद्र कुमार को प्रबंध समिति से बाहर कर दिया और संयुक्त सचिव बालशंकर झा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन दोनों के विरुद्ध कार्रवाई पूरी तरह से अनैतिक है क्योंकि इन दोनों ने वर्तमान कमेटी को हटाने के लिए हस्ताक्षर किया है। जब वर्तमान कमेटी को सदस्यों का बहुमत ही प्राप्त नहीं है, तब अल्पमत में रहते हुए इस कमेटी को इस तरह का नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। वर्तमान कमेटी एक महीने के अंदर विशेष आमसभा बुलाकर विश्वास हासिल करे अथवा कमेटी भंग कर फिर से चुनाव करवाए।
क्रिकेट के विकास के लिए प्रतिबद्धता
डीसीए को जेबी संस्था नहीं बनने देंगे
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि धनबाद में क्रिकेट के विकास के लिए प्रतिबद्ध हूं। क्रिकेट के विकास में जो भी रोड़ा सामने आएगा, उसे हटाया जाएगा। मेरी पैनी नजर डीसीए के क्रियाकलापों पर है। डीसीए में जिन बुराइयों के विरुद्ध सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। उनके साथ मैं पूरी तरह से खड़ा हूं। जो लोग सदस्यों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी भी पहचान की जा रही है। डीसीए को जेबी संस्था नहीं बनने दिया जाएगा। जो लड़ाई शुरू हुई है, वह अभी जारी है。


