
मटकुरिया गोली कांड में 14 साल बाद फैसला आज
संक्षेप: धनबाद के मटकुरिया गोलीकांड में 14 साल लंबी सुनवाई के बाद अदालत 20 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगी। 2011 में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गई पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस मामले में 38 आरोपियों पर सुनवाई चल रही है।
धनबाद। धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मे 14 वर्षों तक चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत 20 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगी। छह नवंबर को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसले की तारीख निर्धारित कर की थी। अदालत ने मामले के सभी आरोपियों को सशरीर अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। 27 अप्रैल 2011 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गए पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों की हिंसक झड़प हुई थी। घटना में तत्कालीन एसपी रविकांत धान जख्मी हो गए थे।

वहीं विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के लिखित प्रतिवेदन पर पुलिस ने बैंक मोड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी। अनुसंधान के बाद पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान दो पूर्व मंत्री सहित पांच आरोपी की हो गई मौत: सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, पूर्व मंत्री ओपी लाल, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उदय सिंह, अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि दिलीप कुमार को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने इस मामले में कुल 38 गवाहों का परीक्षण कराया था। इस केस में पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक सहित शब्बीर आलम, धर्मवीर कुमार शर्मा, राजकुमार पासी, हुबान मल्लिक, वीरेंद्र कुमार सिंह, कुमार अभिषेक, मोहम्मद अजीम, अजय कुमार सिंह, शगुन चौहान, बलदेव पांडेय, दिल चंद चौहान, कलाम, भगवान साव, शक्ति कुमार, बाबर अली खान, ब्रजेश कुमार, वीरेंदर पासवान, अरविंद कुमार सिंह, बिनोद सिंह, रंजीत कुमार, जीवन चंद्र घोष, हलीम अंसारी, मदन महतो, नवनीत नीरज, हरेंद्र शाही, दीपक कुमार पासवान, इजहार अहमद, बद्री रविदास, अजय कुमार राउत सहित कुल 29 के विरुद्ध ट्रायल चल रहा था।

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