भाजपा नेता की हत्या में कुख्यात गांधी दोषी करार, सजा 17 को
धनबाद में भाजपा नेता सतीश सिंह की हत्या के मामले में कोर्ट ने सतीश साव उर्फ गांधी को दोषी ठहराया है। विकास सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने गांधी की सजा पर सुनवाई की तारीख 17...

धनबाद, प्रतिनिधि कुस्तौर के भाजपा नेता सतीश सिंह की हत्या में सोमवार को कोर्ट ने सतीश साव उर्फ सतीश गुप्ता उर्फ गांधी को दोषी ठहराया। अंबिकापुरम निवासी विकास सिंह को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश 11 कुमार साकेत की अदालत ने गांधी की सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 अक्तूबर की तारीख तय की। इससे पहले 14 मार्च को कोर्ट ने पुटकी निवासी ललन कुमार दास उर्फ ललन दास, बलियापुर निवासी बाबू राजा उर्फ चंद्रप्रकाश और उत्तम महतो उर्फ नीलकंठ महतो को इस कांड में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 19 अगस्त 2020 को भाजपा नेता सतीश सिंह को बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के विकास नगर के पास दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर दी गई थी।
इस मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी सतीश साव उर्फ गांधी ने पांच अगस्त 2021 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। उसी समय से वह जेल में बंद है। गांधी और विकास सिंह का ट्रायल अलग से चल रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में पूरक आरोप पत्र समर्पित किया था। 19 नवंबर 2022 को अदालत में दोनों के खिलाफ आरोप गठन किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाहों की गवाही कराई गई थी। मृतक सतीश कुमार सिंह के भाई और वादी संतोष कुमार सिंह ने अदालत में गांधी की पहचान की थी और कहा था कि उनका भाई सतीश कुमार सिंह कहा करते थे कि गांधी उनसे पांच लाख रुपए की रंगदारी मांग रहा है। विकास सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जया कुमार और आयुष सिन्हा ने पैरवी की। --- उत्तम और बाबू राजा के बयान पर आया था विकास व गांधी का नाम सतीश हत्याकांड में अंबिकापुरम के विकास सिंह और सतीश गुप्ता उर्फ गांधी का नाम सजायाफ्ता उत्तम और बाबू राजा के स्वीकारोक्ति बयान में आया था। कांड में नाम आने के बाद दोनों ने कोर्ट में सरेंडर किया था। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया था कि विकास सिंह के घर सतीश की हत्या की योजना बनी थी। गांधी ने सतीश से रंगदारी मांगी और नहीं देने पर भाजपा नेता को मौत के घाट उतार दिया गया। --- गांधी पर जमीन कारोबारी और अमन की हत्या का भी आरोप गांधी का नाम सबसे पहले सरायढेला वीर कुंवर सिंह नगर में हुई जमीन कारोबारी समीर मंडल की हत्या में आया था। वह लगातार फरार चल रहा था। फरारी में ही उसने सतीश सिंह की हत्या की साजिश रची। धनबाद जेल में बंद रहते गांधी का नाम यूपी के आंबेडकर नगर निवासी गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या में आया। उस पर रंगदारी के कई मामले भी चल रहे हैं। दोषी करार दिए जाने के बाद यह तय हो गया है कि अभी उसे जेल में ही रहना होगा।

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