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69 वर्षों का हुआ अपना धनबाद, विकास की रफ्तार में रह गया पीछे

69 वर्षों का हुआ अपना धनबाद, विकास की रफ्तार में रह गया पीछे

संक्षेप: धनबाद, जो 24 अक्तूबर 1956 को बना, कोयले की राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहाँ रोजगार की कमी, बिजली कटौती और जाम की समस्या बढ़ी है। पिछले 69 वर्षों में विकास के कई काम अधूरे हैं। हाल ही में कुछ...

Sat, 25 Oct 2025 10:19 AMNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद, गंगेश गुंजन अपना धनबाद 69 वर्षों का हो गया। लगभग सात दशक पहले 24 अक्तूबर 1965 को बंगाल के मानभूम जिले से काटकर बने धनबाद ने इस दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। देश की कोयला राजधानी के नाम से मशहूर धनबाद शहर कभी रोजगार देनेवाले शहर के नाम से जाना जाता था। कोयला आधारित उद्योग में काम करने के लिए पूरे भारत से लोग यहां आते थे। धनबाद में जिस रफ्तार से आबादी बढ़ती गई, उस रफ्तार से यहां विकास के काम पूरे नहीं हुए। धनबाद के कोयले से देश के कई हिस्सों में बिजली पहुंचती है लेकिन 69 वर्षों बाद भी धनबाद में निर्बाध बिजली नहीं मिलती है।

गर्मी के मौसम में तो 8-10 घंटे तक बिजली कटती है। कोयले के शहर में कोयला आधारित उद्योग पिछले दो दशक में तेजी से बंद होते गए। इससे बेरोजगारी की समस्या भी तेजी से बढ़ती चल गई। वाहन इतने वर्षों में 10 गुना बढ़ गए लेकिन सड़कों की चौड़ाई नहीं बढ़ पाई। नतीजा है कि नेशनल हाइवे से लेकर धनबाद शहर तक जाम की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। आबादी बढ़ी तो फ्लाईओवर की जरूरत महसूस हुई। पिछले 70 वर्षों में एक मात्र फ्लाईओवर शहर के अंदर बैंकमोड़ में बना। उसके बाद कई फ्लाईओवर की मांग उठी लेकिन यह मांग 40 वर्ष पुरानी हो चुकी है। मटकुरिया-आरा मोड़ फ्लाईओवर का काम अभी शुरू हुआ है। इसके बनने में अभी दो साल से अधिक समय लग सकता है। पूजा टॉकिज-बैंकमोड़ फ्लाईओवर की मांग ठंडे बस्ते में चली गई है। गया पुल चौड़ीकरण का मामला अभी तक फाइलों में घूम रहा है। --------- बंगाल के मानूभम से काटकर बनाया गया था धनबाद धनबाद जिले को 1956 में पूर्व मानभूम जिले के सदर प्रखंड के पुराने धनबाद प्रखंड, चास और चंदनकियारी पुलिस स्टेशनों को बनाते हुए गठित किया गया था। धनबाद 1928 से पुलिस जिला है। 1971 के बाद बिहार राज्य के जिलों के पुनर्गठन ने धनबाद जिले को प्रभावित नहीं किया। 24 अक्तूबर 1956 को धनबाद को राज्य पुनर्निर्माण आयोग की सिफारिश पर 1911 अधिसूचना के आधार पर एक जिला घोषित किया गया था। ------- धनबाद की बड़ी उपलब्धि - 400 करोड़ की आठ लेन सड़क का निर्माण - 153 करोड़ से मटकुरिया आरा मोड़ फ्लाईओवर का काम शुरू - मैथन में मैथन पावर लिमिटेड प्लांट का निर्माण - सिंदरी में हर्ल का कारखाना खुलना - 700 करोड़ की शहरी जलापूर्ति योजना पर काम जारी ------- धनबाद जिला : एक नजर में स्थापना : 24 अक्तूबर 1956 क्षेत्रफल : 2886 वर्ग किमी प्रखंड : 12 पंचायत : 256 गांव : 1209 निगम के वार्ड : 55 जनसंख्या घनत्व : 1300 प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या (2011 जनगणना) : 28,46,954 ------------ जिस रफ्तार से धनबाद का विकास होना चाहिए, निश्चित रूप से उतने काम नहीं हुए। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी की वजह से धनबाद विकसित शहर की श्रेणी में शामिल नहीं हो पाया। मैंने अपने कार्यकाल में सड़क, फ्लाईओवर और पानी की समस्या पर काम शुरू कराया था, जो अब धीरे-धीरे धरातल पर उतरता हुआ नजर आ रहा है। -चंद्रशेखर अग्रवाल, पूर्व मेयर धनबाद