फर्जी कंपनियों के खाते खुलवा ढाई करोड़ के फर्जीवाड़ा में एक गिरफ्तार

Mar 09, 2026 02:17 am ISTRavikant Jha हिन्दुस्तान, धनबाद
share

धनबाद की साइबर पुलिस ने फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा में करंट एकाउंट खोलने वाले गिरोह के सदस्य मनीष सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने एक सप्ताह में ढाई करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इसी तरह, मुंबई के ठगों ने आउटसोर्सिंग कंपनी के नाम पर 50 लाख रुपए की ठगी की, जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति को पकड़ा गया।

फर्जी कंपनियों के खाते खुलवा ढाई करोड़ के फर्जीवाड़ा में एक गिरफ्तार

फर्जी कंपनियों के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में करंट एकाउंट खोलने और उनमें एक सप्ताह के अंदर ढाई करोड़ ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के एक सदस्य को साइबर थाना की पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया। धनबाद साइबर थाना की पुलिस ने आरोपी सरायढेला जगजीवन नगर विकास नगर चमेली टावर के पीछे रहने वाले मनीष सिंह को पकड़ा। इससे पहले इसी कांड में पुलिस ने अन्य आरोपी गांधी रोड निवासी प्रियांश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रविवार को साइबर थाना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने मनीष सिंह की गिरफ्तारी की सूचना दी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में साइबर थाना के सब इंस्पेक्टर विकास प्रसाद की जांच के आधार पर नौ जुलाई 2025 को दोनों गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कतरास के अमन कुमार सिंह, गोधर के नैतिक कुमार और कब्रिस्तान रोड के अमन जयसवाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में पता चला है कि मनीष ही बैंक कर्मियों से सांठगांठ कर म्युल एकाउंट खुलवाता था। कांड में शामिल बैंक के लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है।बातचीत के दौरान साइबर डीएसपी संजीव कुमार और साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद के अलावा छापेमारी में शामिल इंस्पेक्टर विश्वजीत ठाकुर, इंस्पेक्टर विष्णु कुमार गोस्वामी एएसआई इफ्तेखार अहमद और दीपक कुमार मौके पर उपस्थित थे।---मुंबई के ठगों ने आउटसोर्सिंग कंपनी के नाम पर की थी ठगीआउटसोर्सिंग कंपनी हिलटॉप हाईराइज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर व्हाट्सएप चैट के जरिए 50 लाख रुपए ट्रांसफर कराए जाने के मामले में धनबाद पुलिस की एसआईटी ने कर्नाटक के शिवमोगा होसानगरा हुबली निवासी अफसर को पकड़ कर धनबाद लाया। उसने पुलिस के समझ बताया कि मुंबई के साइबर ठगों ने इस घटना को अंजाम दिया है।रविवार को सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार अफसर ही यूनियन कॉपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का संयुक्त खाताधारक है। इसी खाते में ठगी के रुपए ट्रांसफर कराए गए थे। सोसाइटी में अफसर सीईओ की पोस्ट पर था, जबकि अयाज खान सोसाइटी का अध्यक्ष और लतीफ खान पठान उपाध्यक्ष है। उन दोनों की साइबर ठगी में मुख्य भूमिका है। गिरोह के सदस्यों ने एक विशेष समुदाय के लोगों को मिला कर सोसाइटी के नाम पर रुपए जमा कराते थे। ठगी के पैसों में गिरफ्तार अफसर का हिस्सा 0.3 प्रतिशत बताया जा रहा है। एसआईटी में इंस्पेक्टर विश्वजीत ठाकुर, विष्णु कुमार गोस्वामी, एएसआई इफ्तेखार अहमद के अलावा अंबुज कुमार बाउरी आदि शामिल थे।

Ravikant Jha

लेखक के बारे में

Ravikant Jha

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।


परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।


करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।


विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।