रिंग रोड घोटाले में जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक की जमानत अर्जी खारिज
धनबाद के जेपीएससी परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार की जमानत अर्जी घोटाले के मामले में खारिज कर दी गई है। वह नौ जनवरी 2026 से जेल में हैं और उन पर झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार के लिए रिंग रोड निर्माण में फर्जी कागजात के आधार पर मुआवजा देने में गड़बड़ी का आरोप है।

धनबाद, प्रतिनिधि भू-अर्जन घोटाले में जेल में बंद जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार की जमानत अर्जी गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष की अदालत ने खारिज कर दी। घोटाले के दौरान विशाल धनबाद के सीओ थे। वे नौ जनवरी 2026 से जेल में बंद हैं। उन पर फर्जी कागजात के आधार पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार के लिए रिंग रोड निर्माण में मुआवजा देने में गड़बड़ी करने का आरोप है। इसके पूर्व 11 फरवरी को अदालत ने इसी मामले के आरोपी सुशील प्रसाद, उमेश महतो, अशोक कुमार महथा, आलोक बरियार, मिथिलेश कुमार, सुमेश्वर शर्मा, कुमारी रत्नाकर, अनिल कुमार सिन्हा, दिलीप गोप, रामकृपाल गोस्वामी, रविंद्र कुमार, उदयकांत पाठक की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
प्राथमिकी के मुताबिक धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए धनबाद, दुहाटांड़, मनईटांड़, धोखरा में जमीन का अधिग्रहण किया गया था। विस्थापित की आवासीय कॉलोनी के निर्माण के लिए भी तिलाटांड़, भारतीय खनि विद्यापीठ के विस्तारीकरण के लिए धैया, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए भेलाटांड़, मैथन राइट थर्मल पावर लिमिटेड के निर्माण के लिए पण्ड्रा एवं अन्य जगहों पर रैयतों से भू-अर्जन की गई थी। इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर करोड़ों रुपए की राशि तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत कर हड़प ली गई। जिला प्रशासन की ओर से जिलास्तर पर करायी गई जांच पर कार्रवाई भी नहीं की गई।
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