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वासुदेव आचार्य के निधन से कोयलांचल में शोक

अखिल भारतीय कोयला मजदूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव आचार्य के निधन पर कोयलांचल में शोक व्याप्त हो गया है। सोमवार को हैदराबाद के एक अस्पताल...

वासुदेव आचार्य के निधन से कोयलांचल में शोक
हिन्दुस्तान टीम,धनबादTue, 14 Nov 2023 03:15 AM
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धनबाद, विशेष संवाददाता
अखिल भारतीय कोयला मजदूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव आचार्य के निधन पर कोयलांचल में शोक व्याप्त हो गया है। सोमवार को हैदराबाद के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर नेताओं ने शोक जताया। वे 82 वर्ष के थे। श्रमिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आचार्य पहली बार 1984 में पश्चिम बंगाल के बाकुड़ा संसदीय सीट से सांसद बने थे। 2014 तक वे लगातार लोकसभा के सदस्य रहे। झरिया पुनर्वास के लिए बने झरिया एक्शन प्लान को लागू कराने में उन्होंने महती भूमिका निभाई।

वासुदेव आचार्य का जन्म 11 जुलाई 1942 को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के बेरो गांव में हुआ था। पश्चिम बंगाल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद आरएसपी कॉलेज झरिया से स्नातक की शिक्षा हासिल की। शिक्षक के रूप में कॅरियर शुरू करने वाले वासुदेव आचार्य सीपीआईएम से जुड़े थे। कई श्रमिक संगठनों की भी उन्होंने गठन किया। लोकसभा की विभिन्न समितियों से भी वे जुड़े रहे। रेलवे स्टैंडिंग कमेटी, कमेटी ऑन पब्लिक अंडरटेकिंग, कमेटी ऑन एग्रीकल्चर, कमेटी ऑन एथिक्स से भी जुड़े रहे।

कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव भवानी बंद्योपाध्याय, बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के संयुक्त महामंत्री मानस कुमार चटर्जी ने उनके निधन पर शोक जताया है। बीसीसीएल स्टाफ को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों ने वासुदेव आचार्य के निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। कोल पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामानुज प्रसाद ने कहा कि आचार्य मजदूर तथा कामगारों के हितों की रक्षा में ही अपना जीवन लगा दिया। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

माकपा की शोकसभा

वासुदेव आचार्य के निधन पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) धनबाद जिला कमेटी समेत अन्य वामपंथी संगठनों ने संवेदना व्यक्त की है। पार्टी नेता एसके घोष ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि आचार्य को पार्टी की ओर से श्रद्धांजलि दी गई है।

कहा कि श्रमिक हितों के लिए वे हमेशा आवाज उठाते रहे। धनबाद के श्रमिकों के लिए भी उन्होंने लंबा संघर्ष किया है। वे कोल वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और डीवीसी श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष भी थे। उनके निधन से पूरे देश के मजदूर आंदोलन एवं जनवादी आंदोलन को नुकसान हुआ है। बता दें कि वासुदेव आचार्य लंबे समय से बीमार थे। तेलंगाना के हैदराबाद में इलाज के दौरान सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

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