महिला और नवजात को साथ ले जाने से इनकार
धनबाद में एक मानसिक रोगी महिला और उसके नवजात बेटे की घर वापसी का मामला उलझ गया है। महिला के पिता और सास को स्थानीय मुखिया के साथ अस्पताल बुलाया गया, लेकिन दोनों पक्षों ने महिला और बच्चे को ले जाने से इनकार कर दिया। पुलिस और डालसा ने मामले में हस्तक्षेप किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। मेडिकल कॉलेज के स्त्री व प्रसूति रोग विभाग में भर्ती मनोरोगी महिला और उसके नवजात बेटे की घर वापसी का मामला फिर उलझ गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) और पुलिस की पहल पर जामताड़ा की रहने वाली महिला के पिता और सास को स्थानीय मुखिया के साथ बुधवार को अस्पताल बुलाया गया। दोनों पक्षों ने महिला और उसके नवजात को साथ ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें सरायढेला थाने ले जाया गया, जहां समझाने का प्रयास किया गया। बता दें कि महिला 15 दिन पहले अपने पिता के साथ डीएमसीएच पहुंची। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद पिता उसे अस्पताल में छोड़कर चला गया और फिर लौटकर नहीं आया।
इंतजार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर महिला को भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय निगरानी में उसकी सामान्य डिलीवरी कराई गई। उसने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद भी परिवार के लोग मां और बच्चे को लेने नहीं पहुंचे। पिता और पति ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरायढेला थाने, डालसा और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने संयुक्त रूप से हस्तक्षेप किया। बुधवार को महिला के पिता, उसकी सास और एक किशोरी मुखिया के साथ अस्पताल पहुंचे। किशोरी को महिला की बेटी बताई गई। दिनभर हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद दोनों पक्षों ने महिला और बच्चे को ले जाने से मना कर दिया। समाचार लिखे जाने तक कोई समाधान नहीं निकल सका। इधर, इस चर्चित मामले में महिला के परिजनों के अस्पताल आने की सूचना पर गायनी में भीड़ लग गई।

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