लेबर कोड के खिलाफ विरोध कार्यक्रमों को ले बनाई रणनीति
धनबाद में श्रमिक संगठनों की बैठक हुई, जिसमें लेबर कोड के खिलाफ विरोध कार्यक्रमों की रणनीति तय की गई। बैठक में 4 लेबर कोड लागू होने के बाद की स्थिति की समीक्षा की गई। सभी यूनिट स्तर पर संयुक्त प्रदर्शन और सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

धनबाद, विशेष संवाददाता। कोयला क्षेत्र में सक्रिय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा की बैठक जगजीवन नगर स्थित बिहार कोलियरी कामगार यूनियन कार्यालय में गुरुवार को हुई। इसमें लेबर कोड के खिलाफ विरोध कार्यक्रमों को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक में 4 लेबर कोड को लागू करने के बाद उत्पन्न स्थिति पर समीक्षा की गई। अध्यक्षता इंटक के एके झा ने की। कहा कि भारत में लगभग 80% लोग मजदूरी पर जिंदा है। इसमें लगभग चार करोड़ मजदूर संगठित क्षेत्र में और लगभग 44 करोड़ मजदूर असंगठित क्षेत्र में कार्य करके अपना जीवन बसर करते हैं। देश में 42% मजदूर ठेका पर काम कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने वेलफेयर स्टेट के सिद्धांत को खारिज करते हुए श्रमिक संगठनों से बिना कोई बात किए हुए पूंजीपतियों के हित में एक तरफा फैसला कर दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि हर एरिया, हर यूनिट स्तर पर शुक्रवार से ही ड्यूटी पर जाने के समय स्थायी/ ठेका मजदूर लेबर कोड के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन करेंगे और नारा लगाएंगे। यह कार्यक्रम 10 दिसंबर तक चलेगा। हर एरिया में लेबर कोड के खिलाफ हर श्रमिक संगठनों का संयुक्त सेमिनार होगा। दिसंबर के प्रथम सप्ताह में कतरास एरिया और सिजुआ एरिया में अलग-अलग दो स्थानों पर सेमिनार/ वर्कशॉप संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा। बैठक को मानस चटर्जी, एस एस दे, आनंदमयी पाल, हरिप्रसाद पप्पू, छोटू सिंह पार्षद, नंदू यादव, आरके तिवारी, आदित्यनाथ झा, अवधेश सिंह, अमित झा, सत्यनारायण सिंह, संजीत सिंह, रणजीत सिंह, रामप्रीत प्रसाद, रवि चौबे, रामचंद्र पासवान, दयाल महतो आदि ने संबोधित किया।
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