ठेका श्रमिकों पर बढ़ रही कोल सेक्टर की निर्भरता
कोल सेक्टर अब ठेका मजदूरों पर निर्भर होता जा रहा है। विभागीय मैनपावर में कमी के कारण ठेका मजदूरों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। कोल कंपनियां विभागीय कर्मियों की संख्या कम कर रही हैं। 2026 की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीएल और ईसीएल में कम विभागीय कर्मी बचे हैं। ठेका मजदूरों को वेतन और सामाजिक सुरक्षा की सुविधा नहीं मिलती।

कोल सेक्टर अब ठेका मजदूरों पर निर्भर होता जा रहा है। लगातार विभागीय मैनपावर में कमी से कोयला उत्पादन सहित ट्रांसपोर्टिंग में ठेका मजदूरों एवं असंगठित मजदूरों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं कोल कंपनियां विभागीय कर्मियों की संख्या कम कर रहीं हैं। कोल सेक्टर के राष्ट्रीयकरण के समय सात लाख से अधिक विभागीय कर्मी कार्यरत थे। वर्तमान में इनकी संख्या घटकर 2.14 लाख हो गई है। 01 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीएल 30962 और ईसीएल 45264 ही विभागीयकर्मी बचे हैं। विभागीय कर्मियों की कमी की भरपाई ठेका मजदूरों से हो रही हैं। कोल कंपनियां कोयला उत्पादन का काम ठेकेदारों (आउटसोर्सिंग) के हवाले करती जा रही हैं। वर्तमान में सिर्फ कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में तीन लाख से अधिक ठेका मजदूरों के कार्यरत होने की बात कही जा रही है। हालांकि ठेका मजदूरों को लेकर आधिकारिक आंकड़े कभी जारी नहीं किए जाते।
खनन कार्यों में ठेका मजदूरों की भूमिका
खनन कार्यों, सुरक्षा और सहायक गतिविधियों के लिए अनुषंगी कंपनियों में मुख्य रूप से ठेका मजदूर काम कर रहे हैं। लागत कम करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है। स्थायी कर्मचारियों की संख्या घटकर 2 लाख के आसपास हो गई है। विभागीय कर्मियों की तरह ठेका मजदूरों को वेतन, सामाजिक सुरक्षा आदि की सुविधा नहीं है। कोल कंपनियां इन्हें पहचान पत्र तक नहीं देती हैं। कोल सेक्टर में ठेका मजदूरों के लिए समान काम के लिए समान वेतन की मांग होती रही है, लेकिन यह सिर्फ नारों तक सीमित है। कई आउटसोर्सिंग कंपनियां ऐसी हैं, जहां हजारों की संख्या में ठेका मजदूर ऑफरोल काम कर रहे हैं। ऐसे ठेका काम लिया जाता है, जो ठेका मजदूर ऑनरोल हैं, उन्हें कोल इंडिया की ओर से तय वेतन का भुगतान किया जाता है।
कोल इंडिया में ठेका मजदूरों का वेतन
01 अप्रैल 2026 को कोल इंडिया ने ठेका मजदूरों के लिए दैनिक मजदूरी की दरें संशोधित की हैं। इसके अनुसार अकुशल को प्रतिदिन 1320, अर्धकुशल को 1354,कुशल को 1387 एवं अति कुशल को 1421 रुपए प्रतिदिन है। वैसे सवाल है कि कितने ठेका मजदूरों को तय वेतन भुगतान किया जाता है। मालूम हो कि ठेका मजदूर खनन, परिवहन और लोडिंग जैसे प्रमुख कार्यों में शामिल हैं।
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