
समय सीमा में पुनर्वास का काम करें: कोयला सचिव
धनबाद में कोयला सचिव ने झरिया पुनर्वास की समीक्षा बैठक में विस्थापित परिवारों को गुणवत्तापूर्ण आवास और नागरिक सुविधाएं प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने बेलगड़िया और करमाटांड़ को मॉडल पुनर्वास टाउनशिप बनाने के लिए पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की आवश्यकता बताई। बीसीसीएल और जेआरडीए पुनर्वास और विकास कार्यों पर केंद्रित हैं।
धनबाद, विशेष संवाददाता। झरिया पुनर्वास पर शुक्रवार को कोयला भवन के बीसीसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला सचिव ने गहन समीक्षा करते हुए विस्थापित परिवारों को समयबद्ध रूप से गुणवत्तापूर्ण आवास, मूलभूत नागरिक सुविधाएं और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने पर बल दिया। सचिव ने जेआरडीए और बीसीसीएल के अफसरों से दो टूक कहा कि झरिया मास्टर प्लान देश की प्रमुख पुनर्वास योजनाओं में से एक है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनशीलता जरूरी है। समय सीमा को ध्यान में रखकर काम करें। उन्होंने बेलगड़िया और करमाटांड़ को मॉडल पुनर्वास टाउनशिप के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक और संगठित प्रयास पर जोर दिया।
पुनर्वास से संबंधित योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, जो समय से पीछे चल रही हैं। कोल इंडिया के अध्यक्ष सनोज कुमार झा ने बताया कि कंपनी झरिया पुनर्वास और अग्नि नियंत्रण योजनाओं को सतत विकास के दृष्टिकोण से लागू करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सुरक्षित खनन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है और बेलगड़िया पुनर्वास मॉडल इसी दिशा में कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन ने पुनर्वास से जुड़े कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। वहीं बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल केंद्र और राज्य सरकारों के साथ समन्वय में पुनर्वास, कौशल विकास और सामुदायिक सुविधाओं के उन्नयन पर प्राथमिकता से कार्य कर रहा है, ताकि झरिया के नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जा सके। कोयला सचिव विक्रम देव दत्त की अध्यक्षता में कोयला भवन में झरिया पुनर्वास और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। मौके पर निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी–संचालन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजना एवं योजना) निलाद्री रॉय, मुख्य सतर्कता पदाधिकारी अमन राज, पुलिस अधीक्षक (सिटी) ऋत्विक श्रीवास्तव सहित कोयला मंत्रालय, बीसीसीएल, जेएमपी एवं जेआरडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बीसीसीएल व जेआरडीए संचालित पुनर्वास, कौशल-विकास, प्रशिक्षण, आजीविका-संवर्धन तथा सामुदायिक विकास गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा कर विस्तृत जानकारी ली। बैठक में जेआरडीए की ओर से उपायुक्त व बीसीसीएल की ओर से निदेशक (तकनीकी–संचालन) संजय कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुति दी, जिसमें टाउनशिप में जारी विभिन्न विकास कार्यों का विस्तृत विवरण शामिल था। कोयला सचिव ने स्टील गेट स्थित एमएसडीआई-3 तथा करमाटांड़ स्थित एमएसडीआई-चार केंद्रों का भी निरीक्षण किया।

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