
कोल इंडिया ने सीएसआर मद में 30 प्रतिशत अधिक खर्चे
संक्षेप: धनबाद में कोल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस वर्षों में कंपनी ने समावेशी विकास के लिए 6,149 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में सीआईएल का सीएसआर खर्च 850 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30% अधिक है। श्रमिकों के कल्याण के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गई है।
धनबाद, विशेष संवाददाता । कोल इंडिया की ओर से कल्याण एवं श्रमिक कल्याण पर जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि समावेशी विकास के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में, कोल इंडिया लिमिटेड और उसके अंतर्गत आने वाली कोयला कंपनियों ने पिछले दस वर्षों में 6,149 करोड़ रुपये का व्यय किया है। यह वैधानिक आवश्यकता से 26% अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, सीआईएल का सीएसआर खर्च 850 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2023-24 के 654 करोड़ रुपये की तुलना में 30% अधिक है। सीआईएल की प्रमुख सीएसआर पहल थैलेसीमिया बाल सेवा योजना है, जिसके तहत सीआईएल ने थैलेसीमिया और अप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित 800 से अधिक बच्चों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।

रिपोर्ट में जिक्र है कि 17 सितंबर से शुरू हुए श्रमिक कल्याण कार्यक्रम के तहत, खदान दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर कोयला श्रमिकों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। यह कोल इंडिया की वी केयर पहल के तहत नियमित और ठेका श्रमिकों दोनों पर समान रूप से लागू किया गया है। नियमित कोयला श्रमिकों को 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। वहीं ठेका श्रमिकों को अब पहली बार 40 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी दी गई है। कर्मचारियों को इस कवरेज के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा, जिससे यह वास्तव में कल्याणकारी उपाय बन गया है।

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