Hindi NewsJharkhand NewsDhanbad NewsCoal India Production Grows 4 6 in December 2025 Amidst Challenges from Private Sector
बड़े उपभोक्ताओं को मिल गए कोल ब्लॉक, दबाव में कोल इंडिया

बड़े उपभोक्ताओं को मिल गए कोल ब्लॉक, दबाव में कोल इंडिया

संक्षेप:

दिसंबर 2025 में कोल इंडिया लिमिटेड ने 75.7 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.6% की वृद्धि है। हालाँकि, कोयले की बिक्री में 5.2% की कमी आई है। निजी क्षेत्र की खदानों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने में चुनौतियां कोल इंडिया के लिए समस्याएं पैदा कर रही हैं।

Jan 02, 2026 01:57 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद, विशेष संवाददाता दिसंबर 2025 में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने 75.7 मिलियन टन (एमटी) कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.6% की वृद्धि दर्शाती है। एसईसीएल का इसमें मजबूत योगदान रहा। हालांकि वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर 2025) के लिए संचयी उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम रहा और 529.2 एमटी पर पहुंच गया। चिंता की बात यह है कि उत्पादन में वृद्धि के बावजूद दिसंबर में कोयले की बिक्री (ऑफटेक) कम (5.2%) रही, जो संभावित मांग संबंधी चुनौतियों का संकेत है। मामले पर एक वरिष्ठ कोयला अधिकारी ने कहा कि बड़े-बड़े कोयला उपभोक्ता (खासकर पावर प्लांट) को कोल ब्लॉक मिल गए हैं।

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दूसरी ओर कॉमर्शियल माइनिंग के कारण भी बाजार में सहजता से कोयला उपलब्ध है। ऐसे में कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों की चिंता बढ़ने वाली है। दिसंबर के अंत तक कोल इंडिया ने अपने 875 मिलियन टन के पूरे वर्ष के उत्पादन लक्ष्य का लगभग 60% हासिल कर लिया। शेष तीन महीने में 40 प्रतिशत उत्पादन करना होगा, जो आसान नहीं है। सरकारी कोयला कंपनियों (पीएसयू) को निजी क्षेत्र में संचालित कैप्टिव व कॉमर्शियल कोयला खदानों से कड़ी चुनौती मिलने लगी है। कोल स्टैटिक्स रिपोर्ट के अनुसार पब्लिक सेक्टर की कोयला कंपनियां, जहां निगेटिव ग्रोथ में हैं। वहीं कैप्टिव व कॉमर्शियल खदानों ने आठ प्रतिशत तक की वृद्धि दर दर्ज की है। कैप्टिव-कॉमर्शियल को चालू वित्त वर्ष में 203.39 मिलियन टन का लक्ष्य मिला है। कोयला मंत्रालय की ओर से वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) कोयला खदान नीलामी के तहत अब तक 133 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की है, जिनकी अधिकतम निर्धारित क्षमता लगभग 276 मिलियन टन प्रति वर्ष है। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि एनटीपीसी, डीवीसी सहित कई पार कंपनियों को कोल ब्लॉक मिले हैं। वहीं ज्यादातर बड़ी स्टील कंपनियों को भी कोल ब्लॉक हासिल की है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल औसतन 15 कोल ब्लॉक में कोयला उत्पादन शुरू होने वाला है। ऐसे में कोल पीएसयू की चुनौती बढ़नी स्वाभाविक है।