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कोयला बहुल राज्यों के 30 हजार आदिवासी बच्चों को डिजिटल शिक्षा के लिए एमओयू

कोयला बहुल राज्यों के 30 हजार आदिवासी बच्चों को डिजिटल शिक्षा के लिए एमओयू

संक्षेप:

धनबाद में, जनजातीय कार्य मंत्रालय और कोल इंडिया ने झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के 76 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए समझौता किया। कोल इंडिया ने 10 करोड़...

Sep 10, 2025 05:56 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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धनबाद, विशेष संवाददाता जनजातीय कार्य मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के 76 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में बुनियादी ढांचे के उन्नयन और क्षमता निर्माण के लिए हाथ मिलाया है। मंगलवार को कोल इंडिया एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के बीच दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। मौके पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी भी मौजूद थे। वर्तमान में देश भर में 479 ईएमआरएस कार्यरत हैं, जो अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और समग्र विकास के अवसर प्रदान करते हैं।

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ये स्कूल जनजातीय छात्रों को उच्च शिक्षा और लाभकारी रोज़गार तक पहुंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं। कोल इंडिया ने सीएसआर पहल के तहत मंत्रालय को सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस सहयोग से 76 ईएमआरएस में निम्नलिखित प्रावधान किए जाएंगे। कोल इंडिया ने इस परियोजना के लिए ₹10 करोड़ स्वीकृत किए हैं, जिसका कार्यान्वयन एनएसटीएफडीसी द्वारा समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। कक्षा 10 और 12 के 62 सौ से अधिक छात्रों के लिए कॅरियर परामर्श और मार्गदर्शन दिया जाएगा। एकलव्य स्कूलों को ये सुविधाएं देगी कोल इंडिया - 1200 कंप्यूटर और 1200 यूपीएस यूनिट - 110 टैबलेट - 420 सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें - 420 सैनिटरी पैड इंसीनेरेटर परियोजना के उद्देश्य - डिजिटल शिक्षा को सुदृढ़ करने और एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में नए अवसर खोलने के लिए कंप्यूटर प्रयोगशालाओं की स्थापना। - मासिक धर्म, स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देना एवं छात्राओं की पढ़ाई को बेहतर करना। - जनजातीय छात्रों को उनके शहरी समकक्षों के समान मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करना।