बीएसके कॉलेज में शुरू होगी डिजिटल पढ़ाई
बीएसके कॉलेज मैथन ने डिजिटल शैक्षणिक व्यवस्था अपनाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत, कॉलेज में नि:शुल्क शिक्षा और नई तकनीकी प्रणालियाँ जोड़ी जाएंगी। शिक्षकों के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य की गई है और छात्रों के अनुसंधान के लिए रिसर्च भवन में सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एनएसएस के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया जाएगा।

बीएसके कॉलेज मैथन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए डिजिटल शैक्षणिक व्यवस्था अपनाई जाएगी। इसे लेकर गुरुवार को बीएसके कॉलेज मैथन के प्राचार्य प्रवीण सिंह ने कहा कि उपायुक्त के निर्देश पर कॉलेज में जल्द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नीलिट) की पढ़ाई नि:शुल्क होगी। एआई की शिक्षा के साथ-साथ ऑफिस मैनेजमेंट की पढ़ाई, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर प्रशिक्षण सहित कई नई चीजों को कॉलेज से जोड़ा जाएगा। कॉलेज में डिजिटल एवं तकनीकी आधारित शिक्षा के लिए प्रयास किया जा रहा है।
शोध भवन और शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति
उन्होंने कहा कि कॉलेज के बगल में रूसा के सहयोग से बन रहे रिसर्च भवन में छात्रों के अनुसंधान के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शिक्षकों के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में चहारदीवारी निर्माण के लिए वे प्रयासरत हैं। साथ ही कॉलेज में खेलकूद की उपयुक्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि छात्रों के हित में सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा सके। इससे बच्चों की रुचि भी कॉलेज की ओर बढ़ेगी। एनएसएस के माध्यम से आसपास के पांच गांवों को गोद लेकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण सहित शैक्षिक व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज इस कॉलेज से पढ़े बच्चे काफी अच्छी जगहों पर नौकरी पा रहे हैं। आने वाले दिनों में कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्रों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
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