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30 मई, 2020|2:04|IST

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बीसीसीएल की खदान में पानी भरा, आठ कोयलाकर्मी बचे

बीसीसीएल की खदान में पानी भरा, आठ कोयलाकर्मी बचे

बीसीसीएल की पुटकी बलिहारी (पीबी) परियोजना में रविवार को अचानक पानी भर गया। इस दौरान खदान में काम कर रहे आठ पंप ऑपरेटर बाल-बाल बच गए। पानी का प्रेशर कम था, अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी। डेढ़ घंटे तक खदान में मौत को सामने देख कोयलाकर्मियों के होश उड़ गए। किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। कर्मी इतने भयभीत थे कि बाहर आने पर कई रोते दिखे।

मालूम हो खदान में पानी भरने से धनबाद में इस्को की चासनाला कोलियरी में दुघर्टना हुई थी, जिसमें 375 से ज्यादा कोयलाकर्मी मारे गए थे। रविवार होने की वजह से वर्किंग डे नहीं था। इसलिए अफरातफरी की स्थिति नहीं बनी।

घटना प्रथम पाली में सुबह सात बजे 352 मीटर नीचे घटी। रविवार होने के कारण खदान में इमरजेंसी वर्क करनेवाले कर्मी ही मौजूद थे। खदान में करीब डेढ़ घंटे तक श्रमिक फंसे रहे। प्रबंधन के निर्देश पर सभी मजदूर एक नंबर चानक पर पहुंचे, जहां से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। अंदर फंसे पंप ऑपरेटरों में संतोष सिंह, शंभू दास, कालाचंद महतो, विनोद कुम्हार, रामधारी केवट, रामप्रसाद महतो, भागीरथ महतो व रफीक मियां शामिल थे। पुटकी बलिहारी परियोजना गहरी खदानों में से एक है। घटना की जांच के लिए कोयला भवन के अधिकारी भी पहुंचे। डीजीएमएस ने भी रिपोर्ट तलब की है।  

वर्जन

घटना की जानकारी ले रहे हैं। फिलहाल जो रिपोर्ट मिली है, उसके अनुसार पानी बहुत ज्यादा नहीं था। उसी खदान का पानी था। किसी अन्य खदान से पानी आता तो मामला गंभीर हो सकता था। घटना की जांच की जाएगी। 11 नंबर सीम का मामला है। अगल-बगल किसी अन्य खदान में 11 नंबर सीम वर्किंग नहीं है। इसलिए बाहर से पानी की उम्मीद कम है।

- एस छिदरवार, प्रभारी डीडीजी, सेंट्रल जोन, डीजीएमएस

फोटो मेल में पुटकी फोटो1,2 पुटकी बलिहारी परियोजना हादसा

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  • Web Title:BCCL mine flooded eight coal workers left