Hindi NewsJharkhand NewsDhanbad NewsBBMKU s First Convocation Ceremony Delayed 1135 Students Await Degrees
बीबीएमकेयू: चार साल में चार वीसी, अबतक नहीं हुआ दीक्षांत समारोह

बीबीएमकेयू: चार साल में चार वीसी, अबतक नहीं हुआ दीक्षांत समारोह

संक्षेप: धनबाद के बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) का पहला दीक्षांत समारोह 22 जुलाई 2021 को हुआ था। चार साल में भी दूसरा दीक्षांत समारोह नहीं हो पाया है, जबकि 1135 छात्रों ने डिग्री के लिए...

Thu, 23 Oct 2025 01:58 AMNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
share Share
Follow Us on

धनबाद। 2017 में स्थापित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) का पहला दीक्षांत समारोह 22 जुलाई-2021 को हुआ। कोरोना काल में सिंफर ऑडिटोरियम में हुए दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं के बीच डिग्र्री का वितरण किया गया। जुलाई-2021 से लेकर अबतक चार साल से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन बीबीएमकेयू में दूसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं हुआ है। इस दौरान चार कुलपति (प्रभारी समेत अन्य) कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में पांचवें कुलपति (पहले दीक्षांत समारोह के बाद) प्रो. रामकुमार सिंह के नेतृत्व में कई बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन दीक्षांत समारोह के आयोजन की तिथि घोषित नहीं हुई है।

90 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं दीक्षांत समारोह के आयोजन का इंतजार कर रहे हैं, हालांकि एक अच्छी बात यह है कि आवेदन करने पर छात्रों को डिग्री दी जा रही है। जानकारों का कहना है कि बीबीएमकेयू में प्रक्रियाओं को पूरा करने में अधिक समय लग रहा है। कई चीजों का अभी टेंडर होना बाकी है। कुलपति समेत अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में कई बैठकें भी हो रही हैं। दर्जन भर से अधिक कमेटी गठित है। कई कमेटी की बैठकें भी हुई हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं के लिए दीक्षांत समारोह की तिथि की घोषणा नहीं हुई है। आजसू छात्र संघ के महासचिव विशाल महतो का कहना है कि चार साल में दीक्षांत समारोह का नहीं होना विवि की लापरवाही है। राज्य के अन्य विवि में दीक्षांत समारोह हो रहे हैं। बीबीएमकेयू में समारोह क्यों नहीं हो रहा है। इसका कारण बीबीएमकेयू बताए। जल्द से जल्द दीक्षांत समारोह तिथि की घोषणा हो। 1135 छात्रों को मिलनी है डिग्री: दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने के लिए 1135 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। 98 छात्रों को गोल्ड मेडल मिलना है। इनमें बीएड के 427, एमएड के 13, यूजी के 328, पीजी के 266, एमबीबीएस के तीन, एलएलबी के 93 व पीएचडी के 12 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।