बीबीएमकेयू में 77 करोड़ से फर्नीचर खरीद की उम्मीद बढ़ी
धनबाद के बीबीएमकेयू को 77 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो लैप्स होने से बचाने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक रांची में हुई। बैठक में फर्नीचर और अन्य सामग्री की खरीदारी पर चर्चा की गई। उम्मीद है कि 31 मार्च तक खरीदारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे राशि बचाई जा सकेगी।

धनबाद, मुख्य संवाददाता आनेवाले दिनों में सबकुछ ठीक रहा तो बीबीएमकेयू (बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय) धनबाद को आवंटित 77 करोड़ रुपए लैप्स होने से बच सकते हैं। गुरुवार को रांची में 77 करोड़ रुपए के मामले में उच्चस्तरीय बैठक हुई। जेएसबीसीसीएल रांची के कार्यपालक निदेशक की ओर से बुलाई गई बैठक में बीबीएमकेयू रजिस्ट्रार डॉ राधानाथ त्रिपाठी, प्रबंधक सह कार्यपालक अभियंता जेएसबीसीसीएल, संवेदक समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में विभिन्न प्रक्रिया पर चर्चा की गई। यह भी बात हुई कि कैसे व क्या कर सकते हैं। मामले में जानकारों का कहना है कि बैठक सकारात्मक रही। इस कारण उम्मीद है कि 77 करोड़ रुपए से फर्नीचर, उपकरण व अन्य सामग्री की खरीदारी का मामला सुलझ जाए।
राशि को लैप्स होने से बचाने के लिए 31 मार्च तक खरीदारी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फर्नीचर की खरीदारी के बाद उम्मीद है कि 4.9 करोड़ रुपए से बीबीएमकेयू के पुस्तकालय के लिए किताबें समेत अन्य सामग्री की खरीदारी हो जाए। बताते चलें कि बीबीएमकेयू में लैब व लाइब्रेरी के साथ ही क्लासरूम के लिए फर्नीचर, लैब के लिए उपरकण समेत अन्य सामग्री के लिए राज्य सरकार ने 77 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। पिछले दो साल से फर्नीचर का मामला ब्रांड के कारण विवाद में है। विश्वविद्यालय का कहना है कि डीपीआर में जिस ब्रांड के फर्नीचर का नाम है, उसी की आपूर्ति हो। वहीं राज्य मुख्यालय की ओर से टेंडर के बाद एग्रीमेंट किसी और ब्रांड के फर्नीचर का कर लिया गया। इस कारण फर्नीचर की आपूर्ति विवि की ओर से स्वीकार नहीं की जा रही थी। पिछले डेढ़ साल से यह मामला विवाद में था। 31 मार्च तक राशि खर्च नहीं होने की स्थिति में 77 करोड़ रुपए के लैप्स होने की बात कही जा रही थी। अब विश्वविद्यालय को बैठक से संबंधित पत्र जारी होने का इंतजार है। उसके बाद अन्य प्रक्रियाएं शुरू की जा सकती हैं।
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