
पीएचडी एडमिशन के लिए आवेदन मांगकर बीबीएमकेयू खामोश
धनबाद में बीबीएमकेयू प्रबंधन ने पीएचडी एडमिशन 2025 की प्रक्रिया में देरी की है। 27 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद, 150 से अधिक छात्रों ने आवेदन किया, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि उन्हें कोई लिखित जानकारी नहीं दी गई है और उनका नेट/जेआरएफ की अवधि समाप्त होने वाली है।
धनबाद, मुख्य संवाददाता बीबीएमकेयू प्रबंधन की लेटलतीफी का एक और मामला सामने आया है। बात पीएचडी एडमिशन 2025 की हो रही है। 27 सितंबर को विवि ने 113 सीटों पर पीएचडी नामांकन के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। छह अक्तूबर से 10 नवंबर तक आवेदन लिए। शुल्क के साथ 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन जमा किया। शिड्यूल के अनुसार 15 जनवरी तक डीआरसी व प्री रजिस्ट्रेशन सेमिनार की प्रक्रिया पूरी कर रजिस्ट्रार कार्यालय को सूची भेज देनी थी, जबकि वास्तविकता यह है कि आवेदन प्राप्त कर कुछ किया ही नहीं गया है। अब संबंधित आवेदक छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
आवेदक तो यहां तक कह रहे हैं कि लिखित में कुछ भी जारी नहीं किया गया है। कई छात्र-छात्राओं का नेट/ जेआरएफ की अवधि अगले कुछ महीने में लैप्स हो जाएगी। जब एडमिशन नहीं लेना था तो आवेदन क्यों मांगा। कुछ शिक्षक नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि एकेडमिक काउंसिल व सिंडिकेट से पास होने के बाद नामांकन की अधिसूचना जारी की गई थी। यूजीसी के 2022 रेग्यूलेशन के तहत पीएचडी नामांकन लेना है। इसी के तहत आवेदन जारी किया। आवेदन जारी होने के बाद एक छात्र नेता के विरोध के आगे विवि प्रबंधन झुक गया। विवि ने बाद में पीएचडी रिक्त सीटों के 50 फीसदी में नामांकन लेने व 50 फीसदी जेट के लिए खाली रखने के मुद्दे पर बैठक की, लेकिन इसपर पर कोई लिखित अधिसूचना जारी नहीं हुई है। मामले में पीएचडी एडमिशन सेल स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता है। विवि के अधिकारियों के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। -डॉ नकुल प्रसाद, पीएचडी एडमिशन सेल

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