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15 अक्तूबर, 2020|3:11|IST

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अमित पासवान चला रहा था बाइक, सूरज ने दाग दी गोली!

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कुस्तौर के भाजपा नेता सतीश सिंह की हत्या की तफ्तीश में जुटी पुलिस अभी तक हत्यारों को तो नहीं पकड़ सकी लेकिन सीसीटीवी फुटेज के बल पर पुलिस जल्द ही हत्या के उद्भेदन का दंभ भर रही है। पुलिस ने हत्या और हत्या के बाद शूटरों के घटनास्थल से भागते कई स्थानों का सीसीटीवी फुटेज जुटाया है। शूटरों के सीसीटीवी फुटेज की पहचान हिरासत में लिए गए एक दर्जन लोगों के अलावा केंदुआडीह व आसपास के लोगों से कराई गई।

लोगों से मिली पहचान संबंधी जानकारी के आधार पर पुलिस अनुमान लगा रही है कि हत्या में प्रयुक्त पल्सर बाइक को अमित पासवान चला रहा था। जबकि इसी बाइक पर पीछे बैठे सूरज प्रताप सिंह ने सतीश सिंह पर फायरिंग की थी। पल्सर के ठीक पीछे चल रहे शूटरों की दूसरी होंडा साइन बाइक को वासेपुर का रामू दास चला रहा था। इस बाइक पर पिस्टल के साथ भीम सिंह सवार था। भीम सिंह, अमित पासवान और सूरज प्रताप सिंह एक ही जगह कुस्तौर नया धौड़ा के रहनेवाले हैं। तीनों में गहरी दोस्ती है। रामू दास को भी उनके साथ कई बार देखा गया है। सीसीटीवी फुटेज में किसी का चेहरा स्पष्ट नहीं है सिर्फ कद-काठी, शारीरिक हावभाव और कपड़ों के आधार पर लोग ऐसा अनुमान लगा रहे हैं। इस अनुमान पर मुहर लगाने के लिए पुलिस को अभी और साक्ष्य जुटाने होंगे। पुलिस थ्योरी वास्तविक तभी बनेगी, जब पुलिस आरोपियों को पकड़ कर उनसे पूछताछ करेगी और कोई ठोस प्रमाण सामने लाया जाएगा। हथियार और बाइक बरामदगी के साथ-साथ सतीश की हत्या की उपयुक्त वजह भी सामने लानी होगी।

उपेंद्र हमलाकांड में इसी रास्ते का हुआ था प्रयोग

सतीश सिंह को गोली मार कर हत्यारे जिस रास्ते से भागे इसी रास्ते का प्रयोग रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह हमलाकांड में भी किया गया था। अंतर सिर्फ इतना है कि उपेंद्र पर गोली चलाने के बाद शूटर बैंक मोड़-झरिया रोड से धोवाटांड़, विकास नगर होते हुए बैंक मोड़-मटकुरिया रोड की तरफ भागे थे और सतीश हत्याकांड में इसके विपरीत बैंक मोड़-मटकुरिया रोड से विकास नगर होते हुए बैंक मोड़-झरिया रोड की तरफ भागे। उपेंद्र पर गोली चलानेवालों के रूप में भी भीम सिंह, अमित पासवान और सूरज प्रताप सिंह की ही पहचान हुई थी।

जेल से निकल कर पार्टी की, वहीं सतीश को मारने की चर्चा

पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है तीन जुलाई को भीम सिंह आउटसोर्सिंग में रंगदारी मामले में जमानत लेकर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आकर उसने कई लड़कों के साथ पार्टी की थी। पार्टी में अमित पासवान, सूरज प्रताप सिंह, रामू दास, अनिल यादव और मोनू पाठक व अन्य शामिल हुए थे। पुलिस को जानकारी मिली है कि पार्टी में भीम सिंह ने सतीश को मारने की बात कही थी। हिरासत में लिए गए एक युवक ने पुलिस को बताया है कि जेल के अंदर भी भीम सतीश से बदले की भावना में जल रहा था। वह खुलेआम सतीश सिंह को मारने की बात कहता था। इसलिए भी भीम सिंह पर पुलिस को शंका है।

जातीय समीकरण के कोण से भी हो रही तफ्तीश

पुलिस सतीश सिंह की हत्या की जांच को जातीय समीकरण के कोण से भी देख रही है। दरअसल पुलिस को जानकारी मिली है कि सतीश की जाति को आधार बनाकर भी कुछ लोग उनसे दुश्मनी साध रहे थे। विरोधी गुट का मानना था कि सतीश उनकी जाति के नहीं हैं। जाति के कारण वह उन लोगों की आंखों में खटक रहे थे। इस संबंध में पुलिस को ठोस जानकारी मिली है। पुलिस इसका भी सत्यापन कर रही है।

इसलिए भीम सिंह और उसके साथियों पर गहराया शक

- 25 मई को बीसीसीएल के कुसुंडा क्षेत्र के अलकुसा में आउटसोर्सिंग कंपनी बीएलए-यूसीसी के भूमि पूजन में फायरिंग की घटना हुई थी। इस कांड की जांच के बाद पुलिस ने भीम सिंह को जेल भेजा था। इस आउटसोर्सिंग कंपनी की देखरेख का जिम्मा सतीश संभाल रहे थे। इसलिए भीम सिंह को लगता था कि सतीश के कहने पर ही पुलिस ने उसे जेल भेजा था। इस बात की चर्चा उसने कइयों से की थी।

- भीम सिंह, अमित सिंह, सूरज प्रताप सिंह और राजू दास हत्या के दिन यानी 19 अगस्त तक अपने-अपने घरों पर थे। लेकिन हत्या के बाद से ही चारों घर नहीं लौटे। घरवालों को भी उनके ठिकानों के संबंध में जानकारी नहीं है।

- घर से भागने के साथ ही सभी ने अपने मोबाइल भी बंद कर लिए हैं। लगातार खोजबीन के बाद भी वे सामने नहीं आ रहे हैं। सबका अंतिम लोकेशन धनबाद में अलग-अलग जगहों पर मिला है। उनके साथ रहने वाले अन्य लड़के भी भूमिगत हो गए हैं।

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  • Web Title:Amit Paswan was riding a bike Suraj shot the bullet