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एलेप्पी रद्द, स्टेशन पर कटी मजदूरों और बीमारों की रात

हिन्दुस्तान टीम,धनबादNewswrap
Sun, 05 Dec 2021 03:42 AM
एलेप्पी रद्द, स्टेशन पर कटी मजदूरों और बीमारों की रात

धनबाद मुख्य संवाददाता

जवाद तूफान की आशंका को लगातार दूसरे दिन एलेप्पी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया। ट्रेन के धनबाद से रवाना होने से सात घंटे पहले सुबह साढ़े चार एकाएक यात्रियों के मोबाइल पर मैसेज भेज कर ट्रेन के रद्द करने की जानकारी दी गई। आनन-फानन में ट्रेन रद्द होने से सैकड़ों यात्रियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गईं। जवाद तूफान के मद्देनजर तीन दिसंबर को भी यात्रा से चूके यात्रियों ने तत्काल कोटे से चार दिसंबर की यात्रा के लिए टिकट बुक कराए थे।

दूर-दूर से धनबाद आए मजदूर और बीमारों ने धनबाद स्टेशन पर रात गुजारी। जैसे ही सुबह हुई मोबाइल पर ट्रेन के रद्द होने की सूचना देख सभी मायूस हो गए। 15 दिनों में चौथी बार एलेप्पी एक्सप्रेस को रद्द करना पड़ा। इससे पहले दक्षिण भारत में हो रही लगातार बारिश के कारण 20 और 22 नवंबर को भी ट्रेन स्थगित रही थी। सुबह आठ बजे से ही निराश लोगों की भीड़ धनबाद के आरक्षण कार्यालय में टिकट रद्द कराने पहुंचने लगी थी। टिकट कैंसिल कराने के साथ पांच दिसंबर की यात्रा के लिए लोग एलेप्पी में तत्काल टिकट लेने के प्रयास में थे, ज्यादातर लोग तत्काल टिकट लेने में विफल रहे।

दरअसल धनबाद से एलेप्पी जाने वाली इस ट्रेन को झारखंड का एंबुलेंस ट्रेन माना जाता है। इस ट्रेन में ज्यादातर मरीज होते हैं या उनके अटेंडेंट। एलेप्पी में सवार होने के लिए कोयलांचल के आसपास के जिलों के साथ-साथ संताल परगना से लोग धनबाद पहुंचते हैं। दूर से आनेवाले एक दिन पहले ही यानी शुक्रवार की रात ही धनबाद पहुंच गए थे। ट्रेन नहीं चलने से ऐसे लोगों को यात्रा टालनी पड़ी।

पांच माह के मासूम के साथ स्टेशन के फर्श पर सो रही मुन्नी

नवादा की मुन्नी कुमारी अपने पति छोटन चौरसिया और पांच माह की दुधमुहे बच्चे के साथ कोयंबटूर जाने के लिए शुक्रवार की सुबह ही धनबाद स्टेशन पहुंच गई थीं। उनका शुक्रवार को ही टिकट था। ट्रेन रद्द होने के बाद बड़ी मुश्किल से उनके पति ने तत्काल से शनिवार के लिए टिकट लिया था। सर्द हवाओं के बीच रातभर स्टेशन के मुख्य गेट के बगल में फर्श पर रात गुजरी। सुबह फिर ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली तो मुन्नी और छोटन मायूस हो गए।

चतरा से ट्रेन पकड़ने आए बीमार को बैरंग लौटना पड़ा

चतरा से अजय कुमार अपनी पत्नी के साथ ट्रेन पकड़ने के लिए सुबह-सुबह धनबाद पहुंच गए थे। अचानक उन्हें ट्रेन रद्द होने की खबर मिली। उनकी तबीयत नासाज चल रही है। तत्काल उन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है। उन्होंने बड़ी मशक्कत से सीएमसी वेल्लोर में डॉक्टर की अप्वाइंटमेंट ली थी। डॉक्टर की हरी झंडी के बाद उन्होंने एलेप्पी में तत्काल टिकट बुक कराया था, लेकिन सारे प्रयासों पर पानी फिर गया।

पत्नी को ले जाना था वेल्लोर, मझधार में फंसे

जामताड़ा से अफजलपुर के बुधन मंडल अपनी पत्नी प्रियंका मंडल को लेकर सीएमसी वेल्लोर जाने के लिए घर से निकल कर धनबाद पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि 45 दिन पहले एलेप्पी में रिजर्वेशन कराया था। सीएमसी से इलाज के लिए उनकी पत्नी को सात दिसंबर का समय भी मिल गया था, लेकिन ट्रेन रद्द होने के कारण उनकी योजना धरी की धरी रह गई। बीमार पत्नी का भी मन छोटा हो गया।

रूट बदल कर वापसी में चली एलेप्पी, पुरुषोत्तम भी रद्द

संभावित चक्रवाती तूफान जवाद की आशंका से वापसी में शनिवार को 13352 एलेप्पी-धनबाद एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गुडुर, बल्हारशाह, रायपुर, झारसुगुड़ा हो कर चली। शनिवार को चक्रवात के कारण 12816 आनंद विहार-पूरी एक्सप्रेस और 12801 पुरी-नई दिल्ली एक्सप्रेस भी रद्द रही। छह दिसंबर को डाउन में नई दिल्ली से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस रद्द रहेगी। अब सभी सशंकित हैं कि रविवार को एलेप्पी व पुरुषोत्तम चलेगी या फिर दोनों को रद्द कर दिया जाएगा।

कंफर्म टिकट के लिए 23 तक करना होगा इंतजार

एलेप्पी एक्सप्रेस में यात्रा से चूके लोगों को कंफर्म सीट के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा। एलेप्पी के स्लीपर क्लास और थर्ड एसी में 22 दिसंबर तक सभी सीट बुक हो चुके हैं। इन दोनों श्रेणियों में 23 दिसंबर से सीट खाली हैं। 18 दिसंबर तक सेकंड सीटिंग में जगह नहीं है जबकि सेकंड सीटिंग में 16 दिसंबर के बाद ही सीट खाली हैं।

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