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सूरज सिंह की मौत के बाद गुर्गों ने संभाल ली कमान

पुलिस फाइल में कुख्यात सूरज सिंह का सूरज भले ही अस्त हो गया हो लेकिन उसके शागिर्द अभी भी पुलिस के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। न्यू मटकुरिया कॉलोनी निवासी उपेंद्र सिंह पर हुए गोलियों से हमला मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस का इस सच से सामना हुआ। पुलिस जांच में पता चला है कि सूरज सिंह के करीब रहने वाले उसके गुर्गे अपराध की दुनिया में तेजी से पांव जमाने की कोशिश कर रहे हैं। पैसा लेकर ये लोग किसी का खून बहाने को तैयार हो जाते हैं।

केंदुआडीह थाना क्षेत्र में शूटरों की नई पौध तैयार हो रही है। कुस्तौर से पकड़े गए भीम सिंह, सूरज सिंह और अमित पासवान इसके ताजा उदाहरण हैं। इन सभी आरोपियों का प्रत्यक्ष या परोक्ष वास्ता सूरज सिंह से रहा है। सूरज सिंह के करीब रहे राजेश चौहान के इशारे पर फिलहाल ये लोग अपराध करते थे।

वर्ष 2015 और 2016 में सूरज गैंग की धमक धनबाद में सुनाई दी थी। बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियों के संचालकों पर रंगदारी के लिए गोली चलाकर सूरज सिंह ने धनबाद में अपनी हनक कायम करने का प्रयास किया था। केंदुआडीह क्षेत्र के कई युवक सूरज से जुड़ गए थे और रुपयों की लालच में उसके लिए काम करते थे। एक दर्जन से अधिक युवकों को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेजा था। इसमें से कुछ दूसरे मामलों में अभी भी जेल में बंद हैं। वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में 20 अगस्त 2016 को सूरज सिंह की डेंगू से मौत हो गई।

जेल में हार्डकोर अपराधियों से ले रहे प्रेरणा

पुलिस जांच में पता चला है कि कम उम्र के लड़के जेल में हार्डकोर अपराधियों से प्रेरित होकर अपराध की दलदल में फंस रहे हैं। जेल के अंदर ये अपराधियों की सेवा करते हैं और बाहर निकलते ही उनका गैंग ज्वाइन कर लेते हैं। सूरज की मौत की पुष्टि के बाद पुलिस को लगा था कि अब सूरज सिंह गैंग के लोग ठंडे पड़ जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अलग-अलग गुटों में बंट कर सूरज के गुर्गे अभी भी अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। पुलिस ऐसे युवकों की सूची तैयार कर रही है। पुलिस इन पर सीसीए लगाने की भी तैयारी कर रही है।

राजेश चौहान की तलाश तेज

उपेंद्र हमलाकांड का किंगपिन गोधर बेलदरिया बस्ती निवासी राजेश चौहान को पुलिस बेसब्री से खोज रही है। वह गोधर छोड़ चुका है। फिलहाल उसके घरवाले सरायढेला थाना क्षेत्र में रह रहे हैं। राजेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने जगह-जगह गुप्तचर लगा रखे हैं। पुलिस को सूचना मिली है कि राजेश चौहान ही गैंग की कमान संभाल रहा है। राजेश पर सूरज सिंह के इशारे पर मां अंबे आउटसोर्सिंग के प्रबंधक सहित दो लोगों पर गोली चलाने का भी आरोप लगा था। इस मामले में वह जेल जा चुका है।

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  • Web Title:After the death of Suraj Singh, the guards took charge