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अपर मुख्य सचिव ने सिविल सर्जन पूछा- इतनी कुव्यवस्था आपको नींद कैसे आती है

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार एवं डीसी संदीप सिंह ने गुरुवार को सदर अस्पताल एवं शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (एसएनएमएमसीएच) का...

अपर मुख्य सचिव ने सिविल सर्जन पूछा- इतनी कुव्यवस्था आपको नींद कैसे आती है
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,धनबादFri, 30 Sep 2022 02:40 AM
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धनबाद, संवाददाता

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार एवं डीसी संदीप सिंह ने गुरुवार को सदर अस्पताल एवं शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (एसएनएमएमसीएच) का निरीक्षण किया। जिले के दोनों बड़े अस्पतालों में कई कमियां पकड़ी गईं। कोरोना काल में कई उपकरण खरीदे गए थे, जो अब कबाड़ स्थिति में पहुंच गए हैं। इसकी तस्वीर अपर मुख्य सचिव ने मोबाइल से ली। उन्होंने सिविल सर्जन को फटकार लगायी और कहा कि आप सिर्फ आदेश देने के लिए बैठे हो। इतनी कुव्यवस्था में आपको नींद कैसी आती है। एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक से भी पूछे जाने पर वे कई जानकारी नहीं दे पाएं। नाराज अपर मुख्य सचिव ने पांच लोगों को शोकॉज किया। इसमें सदर के डीपीएम गौतम कुमार सिंह, डिस्ट्रिक एकाउंट मैनेजर सुबोध कुमार महतो, पीएससी प्लांट का निर्माण कर रहे इंजीनियर व एसएनएमएमसीएच की सफाई एजेंसी कमांडो इंडस्ट्रीयल सिक्यूरिटी फोर्स व अस्पताल के एक कर्मी शामिल हैं।

डीपीएम व डीएएम पर भड़के

सदर अस्पताल में अव्यवस्था को देख अपर मुख्य सचिव ने डीपीएम गौतम कुमार सिंह को बुलाया गया। लेकिन वे काफी देरी से पहुंचे, वह भी हवाई चप्पल पहने हुए। वे गुटखा भी खा रहे थे। इसे देखते हुए अपर मुख्य सचिव भड़क गए। उन्हें शोकॉज किया गया। डिस्ट्रिक एकाउंट मैनेजर सुबोध कुमार महतो से कई योजना की जानकारी मांगी लेकिन वे कुछ नहीं बता पाए। पीएसी प्लांट का निर्माण कब तक करना था और काम की स्थिति की जानकारी लेने पर इंजीनियर भी कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्हें भी शोकॉज किया गया। सचिव व डीसी ने पूरे वार्ड का निरीक्षण करने के दौरान सिर्फ खामियां ही खामियां निकल कर सामने आ रही थीं। 100 बेड का यह अस्पताल है। इंडोर अब तक चालू नहीं हुआ है। मरीज भर्ती क्यों नहीं ले रहे हैं, जबकि यहां 25 डॉक्टर हैं। कर्मचारी भी 150 के करीब है। संसाधन से परिपूर्ण होने के बाद भी आपलोग इसे चालू क्यों नहीं कर रहे। इस पर सिविल सर्जन आलोक विश्वकर्मा एवं डॉ राजकुमार सिंह कोई जबाव नहीं दे पाए। सचिव ने कहा कि जल्द से जल्द कमियां दूर कर इसे चालू कराएं।

एसएनएमएमसीएच में गंदे पंखे, खिड़की-दरवाजे टूटे

एसएनएनएमसीएच की सफाई व्यवस्था को देख कर सचिव एजेंसी पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि पंखे काफी गंदे हैं। इसके लिए क्या अलग से एजेंसी रखनी होगी। कई जगहों पर शीशा, दरवाजा-खिड़की टूटे हैं। चहारदीवारी भी जर्जर है। ऐसे में मरीज को क्या सुविधा मिलेगी। बिजली की स्थिति भी दयनीय है। कई जगहों पर बिजली के उपकरण नहीं जल रहे थे। इसी कारण से मरीज निजी अस्पताल में चले जाते है। कई डॉक्टर भी अपनी निजी अस्पताल खोल कर मस्ती में काम करते होंगे। यहां की मरीजों को देखने में उन्हें रुचि नहीं है। सचिव ने अधीक्षक अरुण कुमार वर्णवाल से कुछ सवाल किए, जिसका जवाब वे नहीं दे पाए। सचिव ने कहा कि मरीज अपने घर से पंखा, चादर व खाना लाते हैं। जहां-तहां पानी गिरता है। ब्लीचिंग पाउडर का नियमित तौर पर छिड़काव नहीं होता है। यह सभी समस्या दूर करने के लिए निरीक्षण करने पहुंचा हूं। ऑडिटोरियम हॉल के अंदर का हिस्सा बेकार हो गया है। फॉल सिलिंग कई जगहों पर उखड़ कर कबूतर खाना बन गई है। इसकी भी उन्होंने तस्वीर ली। कहा कि मेडिकल कॉलेज की सीट बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर जो भी कमियां हैं, उसे दूर करने में लगे हुए हैं। पीजी बिल्डिंग, कैथलैब, पारा मेडिकल भवन का भी निरीक्षण किया। जहां कई खामियां मिला। जिस पर अधीक्षक को फटकार लगाई।

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