
धनबाद रिंग रोड के जमीन मुआवजा घोटाले में 17 गिरफ्तार
धनबाद रिंग रोड जमीन मुआवजा घोटाले में एसीबी ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला 10 वर्ष पुराना है, जिसमें 300 करोड़ रुपए के मुआवजे की गड़बड़ी की गई थी। एसीबी ने रांची, देवघर और बोकारो सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। मुख्य आरोपी अधिकारी भी शामिल हैं।
धनबाद, वरीय संवाददाता धनबाद रिंग रोड जमीन मुआवजा घोटाले में एसीबी ने शुक्रवार को ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 10 वर्ष पुराने मामले में एसीबी एक्शन में दिखी। इस दौरान एसीबी धनबाद की टीम ने रांची, देवघर, बोकारो सहित धनबाद के कई क्षेत्रों से गिरफ्तारियां कीं। टीम ने रिंग रोड घोटाले में जेपीएससी (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) के परीक्षा नियंत्रक व धनबाद के तत्कालीन सीओ विशाल कुमार, तत्कालीन जिला भू अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, तत्कालीन कानूनगो, जिला भू अर्जन पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों सहित 17 लोगों को जेल भेज दिया। मालूम हो कि धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए राज्य सरकार ने रैयतों की जमीन अधिगृहीत की थी, लेकिन रैयतों के मुआवजा भुगतान में बड़े पैमाने गड़बड़ियां की गईं।
वर्ष 2014 में करीब 300 करोड़ रुपए के मुआवजे का घोटाला प्रकाश में आया था। इसके बाद वर्ष 2015 में एसीबी को जांच का जिम्मा सौंपा गया। इस मामले में वर्ष 2016 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण से संबंधित कई मामलों में करोड़ों की गड़बड़ी गई। रात से लेकर अलसुबह तक चली एसीबी की कार्रवाई धनबाद एसीबी ने गुरुवार रात ढाई बजे से ही कार्रवाई शुरू कर दी। देर रात अलग-अलग टीम पहले रांची, देवघर और बोकारो के लिए रवाना हुई। धनबाद में निरसा, कलियासोल, हाउसिंग कॉलोनी, बरमसिया, कोयला नगर, बरवाअड्डा, तेतुलमारी, धनसार सहित अन्य जगहों पर एक साथ दबिश दी गई। छापेमारी में अधिकतर आरोपी पकड़े गए। सभी को पहले एसीबी ऑफिस लाया गया। इसके बाद सभी मेडिकल जांच करायी गई। एसीबी कार्यालय में सत्यापन के बाद सभी को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपियों में से तत्कालीन दो अधिकारी उदयकांत पाठक और मिथिलेश कुमार पर नामजद एफआईआर दर्ज है। 15 अन्य आरोपी अप्राथमिक अभियुक्त हैं, जिन्हें एसीबी ने अपनी जांच के दौरान मामले में संलिप्त पाया है। इन मामलों में भी गड़बड़ी का आरोप एसीबी की प्राथमिकी के मुताबिक धनबाद जिले के रिंग रोड़ निर्माण के लिए मौजा धनबाद, दुहाटांड़, मनईटांड़, धोखरा में विस्थापितों की आवासीय कॉलनी के निर्माण के लिए मौजा तिलाटांड़, आईएसएम के विस्तारीकरण के लिए मौजा धैया, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए मौजा भेलाटांड़, मैथन राइट थर्मल पावर लिमिटेड के निर्माण के लिए मौजा पांड्रा एवं अन्य में भू-अर्जन की कार्रवाई में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी कर करोड़ों रुपए की राशि तत्कालीन पदाधिकारियों की मिलीभगत कर एक गिरोह बनाकर हड़प ली गई। जिलास्तर पर कराई गई जांच पर कार्रवाई भी नहीं की गई।

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