66 billion project hopes on one billion tons - 66 कोल प्रोजेक्ट पर टिकी है एक बिलियन टन की आस DA Image
12 दिसंबर, 2019|8:59|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

66 कोल प्रोजेक्ट पर टिकी है एक बिलियन टन की आस

default image

बीसीसीएल की चार कोयला परियोजनाओं समेत 66 परियोजनाओं पर एक बिलियन टन कोयला उत्पादन की आस टिकी है। कोल इंडिया की योजना के अनुसार उक्त प्रोजेक्ट पर 56 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

लंबे समय से ये 66 प्रोजेक्ट विभिन्न चरणों में फंसे हैं। भूमि अधिग्रहण, विस्थापन एवं पुनर्वास के साथ पर्यावरण एवं वन स्वीकृति के मामले भी हैं। कोल इंडिया के उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्र ने बताया कि उक्त 66 में से आधे प्रोजेक्ट भी यदि साल-दो साल में चालू हो जाते हैं तो 2024 तक एक बिनलियन टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना संभव हो सकेगा। मंत्रालय की ओर से मामले की लगातार समीक्षा हो रही है। मंगलवार को कोयला सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी मामले पर सभी कंपनियों के सीएमडी से इस बाबत जानकारी मांगी थी।

किस कंपनी में कितने प्रोजेक्ट होना है काम

महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड : वर्तमान में लगभग 156 मिलियन टन उत्पादन क्षमता वाली 11 परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिसमें 8519 करोड़ रुपए का निवेश है।

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड : 15 परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिसकी कुल क्षमता लगभग 35 मिलियन टन है और 5949 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड : चार परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिसमें 17 मिलियन टन की क्षमतावाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। 2570 करोड़ रुपये की पूंजी परिव्यय शामिल है।

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड : 18.5 मिलियन टन क्षमता की चार परियोजनाएं हैं। इसमें 2345 करोड़ रुपये का खर्च होना है। भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण और विस्थापन सबसे बड़ी बाधा है।

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड : सात परियोजनाओं को विकसित कर रही है, जिसमें 42 मिलियन टन की क्षमता और 2846 करोड़ रुपये का खर्च होना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:66 billion project hopes on one billion tons