
धनबाद में लगातार हो रहा जहरीली गैस का रिसाव, IIT कर रहा मॉनिटरिंग; दूसरे जगह शिफ्ट होंगे लोग
धनबाद जिले के केंदुआडीह के आग और भू-धंसान प्रभावित राजपूत बस्ती सहित आसपास के इलाके में अब भी गैस रिसाव जारी है। वहीं डीजीएमएस, आईआईटी और सिंफर की टेक्निकल टीम स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है।
धनबाद के केंदुआडीह के आग और भू-धंसान प्रभावित राजपूत बस्ती सहित आसपास के इलाके में अब भी गैस रिसाव जारी है। वहीं डीजीएमएस, आईआईटी और सिंफर की टेक्निकल टीम स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है। गैस रिसाव प्रभावित केंदुआडीह में शुक्रवार को बीसीसीएल, प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे। प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, डीसी आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार के अलावा डीजीएमएस, सिंफर, स्वास्थ्य विभाग, आपदा विभाग और जेआरडीए के पदाधिकारी मौजूद थे।
मालूम हो कि बीते दो दिनों में गैस रिसाव से दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में शुक्रवार को भी गैस रिसाव जारी है। फिलहाल गैस रिसाव से एक पीड़ित को सेंट्रल हॉस्पिटल धनबाद और 10 मरीजों को कुस्तौर रीजनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। प्रभावित राजपूत बस्ती और केंदुआ पांच नंबर की ज्यादातर महिलाएं व बच्चे धनबाद, आसनसोल, गिरिडीह, पुटकी, आजाद नगर, वासेपुर और लोयाबाद में अपने-अपने रिश्तेदारों के घर शिफ्ट हो गए हैं। मुहल्ले में पुरुष ही हैं, जो रात में कैंप में रह रहे हैं। इधर, टेक्निकल टीम के हवाले से कहा जा रहा है कि दूसरी जगह पर शिफ्टिंग ही फिलहाल एकमात्र विकल्प है। टेक्निकल टीम के सैंपल के आधार पर कहा जा रहा है कि गैस का स्तर अब भी सामान्य से ज्यादा है।
केंदुआडीह थाने में अफसरों के साथ बैठक में प्रभावितों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। पुनर्वास व मुआवजा सहित कई बातें हुईं। नाराजगी भी जताई। लोगों से अधिकारियों ने अपील की कि स्थिति सामान्य होने तक टेंट में शिफ्ट हो जाएं। प्रभावितों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बीसीसीएल की ओर से टास्क फोर्स गठित की गई है। वहीं डीजीएमएस, आईआईटी और सिंफर की टेक्निकल टीम स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है। अधिकारियों ने टेक्निकल टीम के साथ जहरीली गैस स्राव वाले क्षेत्रों में जाकर स्थिति का आकलन किया। इसके अलावा कुस्तौर स्वास्थ्य केंद्र में इलाजरत प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। साथ ही डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था का दिशा-निर्देश दिया।
इधर, बीसीसीएल के सीएमडी ने अलग से पीबी एरिया में बैठक कर मौजूदा हालात से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। मेडिकल इंतज़ाम, इमरजेंसी लॉजिस्टिक्स और टेक्निकल मदद शामिल थी। इसके बाद उन्होंने डेंजर जोन से अस्थाई शेल्टर में शिफ्ट परिवारों से मुलाकात की। महिलाओं और बच्चों से बात की और उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिलाया। बैठक में निदेशक एमके रमैया, नीलाद्री रॉय और मुख्यालय तथा एरिया के अधिकारी थे। सीएमडी ने एरिया मैनेजमेंट को निर्देश दिया कि वे अस्थाई रहने की जगह पर तुरंत हीटिंग का इंतजाम और जरूरी सुविधाएं दुरुस्त करें। प्रभावित की मदद करने और उनके आराम और सुरक्षा को पक्का करने के लिए शेल्टर में रात भर रहने के लिए अधिकारियों की टीम भी तैनात की गई है।
समय सीमा तय कर जल्द से जल्द डेंजर जोन से शिफ्ट हो जाएं : डीसी
डीसी आदित्य रंजन ने कहा कि यह समस्या आज की नहीं दशकों पुरानी है। सालों पहले विस्थापन होना था जो नहीं हो सका। लोगों से अपील की गई कि समय सीमा तय कर जल्द से जल्द सभी लोग डेंजर जोन से शिफ्ट हो जाएं। इसके लिए बेलगड़िया और करमाटांड़ में व्यवस्था की गई है। फिलहाल टेंट का निर्माण किया गया है, जहां रहना, खाना, पीना, शौचालय व बिजली आदि सभी की व्यवस्था की गई है। सभी नागरिक तत्काल टेंट में शिफ्ट हो जाएं और तब तक रहें जब तक की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
चिंता मुक्त होकर जाएं, सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की: एसएसपी
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि केंदुआडीह के लोग चिंता मुक्त होकर अपने-अपने घरों से टेंट में शिफ्ट हो जाएं। आपके घरों की समुचित सुरक्षा की व्यवस्था पुलिस करेगी। संबंधित थाने की टीम, सिटी हॉक की टीम दिन-रात आपके घरों की सुरक्षा में तैनात रहेगी। साथ ही टेंट में भी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।





