धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मची अफरातफरी; खाली कराया गया परिसर
बुधवार को धनबाद सिविल कोर्ट में अफरातफरी का माहौल बन गया। कोर्ट परिसर को मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद पुलिस और बम स्क्वॉयड की टीम मौके पर पहुंची और परिसर को खाली करवायाकर जांच शुरू की।

धनबाद सिविल कोर्ट को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। खचाखच भरे कोर्ट परिसर को धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे कोर्ट के आधिकारिक ईमेल आईडी पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा मेल भेजा। मेल मिलते ही न्यायिक पदाधिकारियों और वकीलों में हड़कंप मच गया। एहतियातन कोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया।
कोर्ट में बम की धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। एसएसपी प्रभात कुमार को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम, डीएसपी सीसीआर सुमित कुमार और धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वायड) भी तत्काल कोर्ट परिसर पहुंच गया और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
पुलिस ने खंगाल डाला पूरा परिसर
पुलिस टीम ने सभी कोर्ट रूम, न्यायिक पदाधिकारियों के कक्ष, वकीलों के सिरिस्ता (चेंबर) और परिसर में खड़ी गाड़ियों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। तलाशी के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है।
पता लगाया जा रहा ईमेल का स्रोत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। ईमेल किस आईडी से भेजा गया और उसका स्रोत क्या है, इसका पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इधर, सूचना यह भी मिल रही है कि आसनसोल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी दी गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और दोनों स्थानों पर एहतियात बरता जा रहा है।
फिलहाल धनबाद कोर्ट परिसर में जांच जारी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
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