झारखंड प्रोटेस्ट: देवेंद्र नाथ महतो का ICU में भी अनशन, भूख हड़ताल का 11वां दिन, हालत कैसी
झारखंड में छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठ देवेंद्र नाथ महतो ने आईसीयू में भी अपना अनशन जारी रखा है। देवेंद्र ने कहा कि उनकी हालत गंभीर है, लेकिन छात्रों की लड़ाई अभी जारी रहेगी।

जेपीएससी और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर रांची में प्रदर्शन अब भी जारी है। छात्रों के समर्थन में जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो 10 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दो दिनों से देवेंद्र नाथ महतो का इलाज चल रहा है। अस्पताल से ही महतो ने एक मैसेज जारी किया है। मैसेज में उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई लड़ने का उनका संकल्प आज भी जारी है और मांगे माने जाने तक जारी रहेगा।
क्या बोले देवेंद्र नाथ महतो
छात्रों के समर्थन में 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे महतो ने अस्पताल से ही एक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि रांची के सदर अस्पताल में दूसरे दिन भी उपचाररत हूं। अस्पताल में भी भूख हड़ताल 10 वें दिन जारी है। महतो ने कहा कि शरीर अस्पताल के बिस्तर पर है, हालत गंभीर है, लेकिन छात्रों के न्याय की लड़ाई का संकल्प आज भी अडिग है। उन्होंने कहा कि शरीर कमजोर हो रहा है, दर्द बढ़ रहा है, डॉक्टर उपचार कर रहे हैं, लेकिन मन में एक ही संकल्प है, जब तक झारखंड के विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष नहीं रुकेगा।
19वें दिन भी जारी है आंदोलन
झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अपना आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है। 'झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी)-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) रिफॉर्म मंच' के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रणाली में सुधार पर हेमंत सोरेन सरकार के आश्वासनों के बावजूद अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। वे जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, 'झारखंड छात्र न्याय' के बैनर तले विद्यार्थियों ने सोमवार को राज्य विधानसभा की ओर मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। लाठीचार्ज के अलावा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़े थीं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।


