हमें गारंटी चाहिए कि…; अनशन खत्म करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने बताई अपनी एक और मांग
देवेंद्र महतो ने अशन खत्म करने के बाद अपना पहला संदेश दिया और अपनी एक और मांग बताते हुए कहा कि संघर्ष अभी भी जारी रहेगा।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और 2014 से टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया। यह फैसला सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक लंबी बैठक में लिया गया। इस ऐलान के बाद छात्र खुशी से झूम उठे और पिछले 15 दिनों से भूखहड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो और अन्य लोगों ने अपना अनशन खत्म कर दिया। इस बीच अब देवेंद्र महतो ने अपनी आगे की रणनीति बताई है। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने के लिए लोगों का धन्यवाद देते हुए बताया है कि वह अब ऐसा एजुकेशन सिस्टम चाहते हैं जिससे आगे होने वाली कोई भी परीक्षआ रद्द ना हो, और इसके लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, हमने 2 जुलाई से आंदोलन की शुरुआत की। 5 जुलाई से प्रत्यक्ष रूप से संघर्ष की शुरुआत हुई। 25 जुलाई से बाबू वाटिका मुरादाबादी से सत्याग्रह की शुरुआत कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। 2 अगस्त से भूखहड़ताल, छात्र आंदोलन को पूरे देश ने समर्थन किया। इस आंदोलन पहला चरण सफल हो गया है। उन्होंने उन सभी का धन्यवाद दिया जिन्होंने किसी का किसी तरह से आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने छात्रों की मांग पर कार्यवाही करने के लिए सीएम हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया।
देवेंद्र महतो बोले- जारी रहेगा संघर्ष
आगे की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा, इन 14 परीक्षाओं के रद्द होने के बाद अब सवाल ये है कि क्या अब तो भर्ती परीक्षाएं होंगी, क्या उनमें कोई गड़बड़ी नहीं होगी। क्या उनमें पेपर लीक नहीं होगा। इसलिए अब मेरा अगला चरण ये है कि सरकार हमें गारंटी दे कि अब कभी धांधली से नौकरी नहीं होगी। हमें ऐसे एजुकेशन सिस्टम की गारंटी चाहिए जो इन गड़बड़ियों को ना होने दें। चाहे इसके लिए कानून बनाना पड़े या संविधान में संसोधन करना पड़े। हम चाहते हैं, हर परीक्षा का ऑडिट हो। पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो। इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।
इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी। हमने आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फैसला किया है। उन्होंने आईएएस के वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति के गठन की भी घोषणा की।
सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन को लेकर चिंतित है और उसने ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले ही 'झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम' लागू कर दिया है। उन्होंने कहा, सीआईडी और विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अभी इनका खुलासा नहीं किया जा सकता। सोरेन ने आरोप लगाया कि झारखंड में काम कर रही कई कंपनियां एक बड़े परीक्षा गैंग में संलिप्त प्रतीत होती हैं।
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