सड़क निर्माण करने को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
देवघर के मोहनपुर प्रखंड में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत बन रही सड़क के निर्माण कार्य को रोका। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

देवघर। मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के घोरमारा चांदना ठाढ़ी मोड़ से लेकर मोरने गांव तक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता व घटिया सामग्री लगाने को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार दोपहर चांदनाठाढ़ी मोड़ से मोरने गांव तक बन रही करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, इस सड़क निर्माण के लिए लगभग 1 करोड़ 98 लाख 53 हजार रुपये की प्राक्कलित राशि स्वीकृत की गई है। बावजूद इसके निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुराने सड़क में लगे मेटल को ही दोबारा उपयोग किया जा रहा है, जबकि प्राक्कलन के अनुसार नए मटेरियल का उपयोग होना चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में गिट्टी और डस्ट की मात्रा भी मानक के अनुरूप नहीं डाली जा रही है। इसके अलावा बॉल्डर चिप्स, सीमेंट और पत्थर के डस्ट की जगह सामान्य भूरी मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अभी तक करीब 25 प्रतिशत ही कार्य हुआ है और उसमें ही गुणवत्ता की अनदेखी साफ दिख रही है। निमार्ण स्थल पर किसी प्रकार का बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। प्रदर्शन के दौरान दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों के साथ पंचायत प्रतिनिधि, उप मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य सहित अन्य लोग मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि ठेकेदार किसी तरह जल्दबाजी में काम निपटाकर चले जाएंगे, लेकिन खराब निर्माण का खामियाजा वर्षों तक क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ेगा। इसलिए प्राक्कलन के अनुसार ही गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराया जाए। मौके पर मौजूद पंचायत के उप मुखिया पति मोहम्मद फिरोज अंसारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध की जानकारी मिलने पर संवेदक और पेटी ठेकेदार की ओर से उन्हें जान मारने की धमकी दी जा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में और भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अब तक हुए निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो आगे भी कार्य को रोकते हुए आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस दौरान बदरुद्दीन अंसारी, लियाकत अंसारी, फिरोज अंसारी, नौशाद अंसारी, नईम अंसारी, जगदीश राय, मकसूद अंसारी, जुबेर अंसारी, मुबारक अंसारी, शरीफ अंसारी, गफ्फार अंसारी, जाकिर अंसारी, सिराज अंसारी, रिजवान अंसारी, बहारुद्दीन अंसारी, मुस्तकीम अंसारी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
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