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38 किमी लंबी बासुकीनाथ-चितरा रेल लाईन का मामला फंसा

देवघर। झारखंड सरकार के उदासीन रवैये के कारण दुमका व गोड्डा लोकसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली नयी रेल लाइन परियोजना एक बार फिर फंसती दिख रही...

38 किमी लंबी बासुकीनाथ-चितरा रेल लाईन का मामला फंसा
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हिन्दुस्तान टीम,देवघरSun, 16 Jun 2024 01:00 AM
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देवघर। झारखंड सरकार के उदासीन रवैये के कारण दुमका व गोड्डा लोकसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली नयी रेल लाइन परियोजना एक बार फिर फंसती दिख रही है। दरअसल चिरप्रतिक्षित 38 किलोमीटर लंबी बासुकीनाथ-चितरा रेल लाईन को लेकर झारखंड सरकार की ओर से एमओयू साइन नहीं किए जाने के कारण परियोजना ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बासुकीनाथ-चितरा नयी रेल लाईन 38 किलोमीटर बननी है। वर्ष- 2016-17 में तैयार प्रस्ताव के अनुसार नई रेल लाईन के लिए केंद्र सरकार की ओर से 50 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाना था। जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि का भुगतान झारखंड सरकार को करना था। हालांकि 5 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद वर्ष- 2022 में मेमोरेंडर कॉस्ट के आधार पर योजना का काम शुरू कराने के लिए एमओयू साइन कराने के लिए झारखंड सरकार के पास भेजा गया, लेकिन सरकार की ओर से इस मामले को लेकर बहुत गंभीरता नहीं दिखाते हुए एमओयू साइन ही नहीं किया गया। हालांकि उक्त अवधि में रेलवे की ओर से अलग-अलग कार्य कराते हुए 300 करोड़ रुपए योजना में खर्च भी कर दिए गए। बावजूद झारखंड सरकार की ओर से एमओयू साइन नहीं किए जाने के कारण टेंडर अथवा निर्माण कार्य अड़ गया। सरकार की ओर से गंभीरता नहीं दिखाए जाने के कारण चिरप्रतिक्षित योजना का मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। बताते चलें कि बासुकीनाथ दुमका जिला में आता है और लोकसभा क्षेत्र गोड्डा है। जबकि चितरा देवघर जिला में आता है और लोकसभा क्षेत्र दुमका है। रेल लाईन बन जाने से जहां गोड्डा और दुमका लोकसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली नयी लाईन हो जाएगी। वहीं रेल लाइन बन जाने से सर्वाधिक सुविधा कोयला ढुलाई के कार्य के लिए हो जाएगी। आमजनों का आवागमन तो सुगम हो ही जाएगा। इससे न सिर्फ क्षेत्र के लोगों को सुविधा होगी, बल्कि माल ढुलाई के कारण सरकार को भारी राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा। बावजूद झारखंड सरकार की ओर से इस मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाए जाने से आमजनों में निराशा के साथ आक्रोश भी देखा जा रहा है।

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