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19 अक्तूबर, 2020|1:15|IST

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बाबानगरी में दुर्गोत्सव की धूम, रोहिणी में भी प्रतिपदा पर प्रतिमा स्थापित

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द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ की नगरी में इन दिनों देवी सती की आराधना हो रही है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर हर घर में कलश स्थापन कर देवी सप्तशती का पाठ हो रहा है। वहीं देवघर के प्राचीनतम पूजा मंडपों से लेकर पूजा पंडालों में भी कलश स्थापन कर देवी दुर्गा की आराधना की जा रही है। दैनिक पूजा, पाठ नियमित रूप से चल रहा है। हर तरफ भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

बाबानगरी के प्राचीन श्रीश्रीबालानन्द ब्रह्मचारी आश्रम के अलावा रोहिणी के ठाकुरबाड़ी में भी डेढ़ सौ वर्षों से हो रही विशेष पूजा में प्रतिपदा तिथि से ही वेदी पर भगवान गणेश, देवी महालक्ष्मी, देवी दुर्गा, देवी सरस्वती व व भगवान श्यामकार्तिक की प्रतिमा स्थापित कर पूजा व कुमारी पूजा की जा रही है। रोहिणी में तांत्रिक विधि से होने वाली पूजा में एक और खासियत यह भी होती है कि प्रतिमा में भगवान गणेश को देवी सरस्वती व भगवान श्यामकार्तिक को देवी महालक्ष्मी के साथ स्थापित किया जाता है। सामान्य रूप से इसके उलट ही प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं। वहीं नगर के अन्य सभी पूजा मंडपों में महासप्तमी तिथि के अवसर पर देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू होती है। उधर दूसरी ओर शारदीय नवरात्र के अवसर पर बाबा दरबार में भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। खासकर शाम में दीप जलाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। रविवार को कतारबद्ध कराकर महिलाओं, युवतियों व अन्य को शाम में बाबा दरबार में प्रवेश दिया गया। सबों ने दुर्गा मंडप से लेकर अन्य सभी मंदिरों में दीप जलाया। वहीं परंपरानुसार बाबा वैद्यनाथ मंदिर प्रांगण में रविवार शाम में आकाशदीप भी जला दिया गया। यह दीपोत्सव दीपावली तक रहता है।

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  • Web Title:Statue of fortification in Babanagri statue installed in Rohini