एकलव्य विद्यालय केंद्र सरकार की योजना, झूठा श्रेय ले रहे विधायक : रणधीर सिंह

Feb 09, 2026 12:54 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवघर
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सारठ में प्रस्तावित एकलव्य आवासीय विद्यालय को लेकर राजनीतिक श्रेय का संघर्ष तेज हो गया है। पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि इस विद्यालय की स्वीकृति उन्होंने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से मांगी थी, जबकि वर्तमान विधायक झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। रणधीर सिंह ने प्रशासनिक विफलता और जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।

एकलव्य विद्यालय केंद्र सरकार की योजना, झूठा श्रेय ले रहे विधायक : रणधीर सिंह

चितरा,प्रतिनिधि। सारठ में प्रस्तावित एकलव्य आवासीय विद्यालय को लेकर राजनीतिक श्रेय की होड़ तेज हो गई है। पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि यह विद्यालय केंद्र सरकार की योजना है, जिसे उन्होंने जनजातीय मामलों के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से आग्रह कर स्वीकृत कराया था। जबकि सारठ विधायक अब इसका झूठा श्रेय लेकर सस्ती लोकप्रियता बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। रविवार को सहरजोरी स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में रणधीर सिंह ने कहा कि 26 अगस्त 2021 को उन्होंने सारठ विधानसभा क्षेत्र के तीनों प्रखंड सारठ, पालोजोरी और करमाटांड़ में एक-एक एकलव्य आवासीय विद्यालय की मांग केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से की थी।

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इसके बाद 10 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ। जिसमें प्रथम चरण में सारठ प्रखंड में एकलव्य विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई थी। साथ ही शेष दो प्रखंडों में भी विद्यालय खोलने का आश्वासन दिया गया था। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में स्वीकृत योजनाओं पर वर्तमान विधायक बार-बार झूठा श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और भ्रामक है। उन्होंने सारठ विधायक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक ओर वे डीएवी स्कूल की स्थापना और जमीन दान देने की बातें कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चितरा डीएवी स्कूल में पिछले चार महीनों से बस सेवा ठप पड़ी है, लेकिन इस गंभीर समस्या पर विधायक मौन हैं। उन्होंने कहा कि डीएवी स्कूल की बस संचालन को लेकर उनके चहेते लोगों के लिए डीटीओ से कार्रवाई करवाई गई, लेकिन वही कार्रवाई अब गले की फांस बन गई है। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने कोलियरी कर्मियों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान कार्यकाल में मजदूरों को ओटी और संडे ड्यूटी का लाभ लेने के लिए भी पैरवी करनी पड़ रही है, जो अत्यंत दुखद और शर्मनाक स्थिति है। पूर्व मंत्री ने कहा कि जनता को भ्रमित करने के बजाय जनप्रतिनिधि को जमीनी हकीकत और जनहित के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, न कि दूसरों के प्रयासों पर अपना नाम चिपकाने का काम करना चाहिए।

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