
बैंक डकैती कांड : झारखंड बिहार, बंगाल में छापेमारी
मधुपुर एचडीएफसी बैंक में 22 सितंबर को दिनदहाड़े हुई डाका कांड की जांच पुलिस द्वारा तेजी से की जा रही है। एसपी सौरभ की अगुवाई में विशेष टीमों ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की। तकनीकी...
देवघर। मधुपुर एचडीएफसी बैंक में 22 सितम्बर को दिनदहाड़े भीषण डाका कांड को पुलिस की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। मामले के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक सौरभ की ओर से गठित कई विशेष टीम ने न सिर्फ झारखंड, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल तक अपना जाल फैला दिया है। लगातार चल रही छापेमारी व तकनीकी विश्लेषण के चलते मामला जल्द सुलझता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार बैंक लुटेरों के मोबाइल फोन लोकेशन के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। घटनास्थल से मिले सुरागों और टेक्निकल एनालिसिस के जरिये पुलिस की कई टीमें शनिवार रात को झारखंड- बिहार की सीमा से सटे इलाके में पहुंची।

विशेष रूप से बिहार के बांका जिले के कटोरिया, जयपुर और चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां पुलिस को बैंक लुटेरों के होने की जानकारी मिली थी। छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। झारखंड पुलिस ने बिहार पुलिस के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर यह ऑपरेशन चलाया, ताकि कोई भी सुराग हाथ से न निकल सके। पुराने बैंक डकैती कांड में शामिल रहे अपराधियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस कांड में उनकी भी कोई भूमिका तो नहीं है या वह किसी अन्य जानकारी से अवगत हैं। पुलिस तकनीकी तौर पर भी इस मामले को बेहद बारीकी से खंगाल रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप कॉल व लोकेशन डेटा, इंटरनेट प्रोटोकॉल ट्रैकिंग सहित कई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, मोबाइल टावर के आसपास की गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है, जिससे बैंक डकैती में शामिल अपराधियों की पहचान पक्की की जा सके। सूत्रों का यह भी कहना है कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जिनके आधार पर बड़ी गिरफ्तारी संभव है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने किसी भी आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। लेकिन जिस तरह से छापेमारी का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि पुलिस बैंक डकैतों के बेहद करीब पहुंच चुकी है। गौरतलब है कि 6 दिन पहले मधुपुर एचडीएफसी बैंक की एक शाखा में नकाबपोश अपराधियों ने हथियार के बल पर 1.64 करोड़ रुपए नकद के अलावे 2.40 करोड़ रुपए का सोने की लूट कर ली थी। कुल 4.10 करोड़ रुपए की लूट हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सौरभ ने कई विशेष जांच टीम का गठन किया, जो लगातार विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है। डाका कांड ने पुलिस की चुनौतियों को बढ़ा जरूर दिया है, लेकिन जांच की गंभीरता और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द इसका खुलासा हो जाएगा। जिले में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है, इसलिए पुलिस पुराने केस स्टडी को भी ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




