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मधुपुर के गांवों में पानी खरीदकर पी रहे लोग

मधुपुर के गांवों में पानी की घोर किल्लत का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। हालत यह है कि लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पानी पहुंचाने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए करोड़ो खर्च कर ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं शुरू की गयी थी लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। ग्रामीण अंचल में इन दिनों जल संकट की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। जलस्रोत सूखने से संकट गहराया: जलस्रोत सूख जाने के कारण लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। प्रखंड की पटवाबाद पंचायत में ग्रामीण जलापूर्ति योजना वर्ष 2004-05 में लाखों खर्च कर आरंभ की गयी, लेकिन आरंभिक काल से ही यह योजना कारगर नहीं हुई। यहां जलमीनार शोभा की वस्तु बनी है। गांव में जल संकट के कारण नहाना-धोना भी मुश्किल हो गया है। प्रखंड के कई गांवों में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की कमोबेस यही स्थिति है। ग्रामीणों ने बताया पानी टंकी से कुछ माह करीब 170 घर में पानी मिला। पानी टंकी 10 हजार गैलन की क्षमता का है। बोरिंग कर गांव में पानी सप्लाई हो रही थी। बोरिंग धंस जाने के बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लोग पंप निकाल कर ले गए तब से जलापूर्ति ठप है। ग्रामीणों को शादी-समारोह के लिए पानी टैंकर से पानी खरीद कर मंगाना पड़ता है। किल्लत होने पर पानी खरीदना पड़ता है। मो. खुर्शिद, शमसेर अंसारी, मो. कासिम, नूर हसन समेत दर्जनों ग्रामीण कई बार प्रशासन से जल संकट से अवगत करा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है गर्मी के दिनों में पानी को लेकर दर्जनों परिवार भारी परेशानी से जूझता है।

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  • Web Title:People drinking and drinking water in the villages of Madhupur