पालोजोरी प्रखंड के दर्जनों स्कूलों में एमडीएम पर आफत
पालोजोरी के सरकारी स्कूलों में चावल के अभाव के कारण मिड डे मील (एमडीएम) का संचालन बंद हो सकता है। स्कूल प्रबंधन ने बीईईओ को सूचना दी है, लेकिन कोई स्कूल अभी बंद नहीं हुआ है। चावल की आपूर्ति नहीं होने से बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पाएगा। खाद्य निगम से चावल का आवंटन अभी तक नहीं हुआ है।

पालोजोरी,प्रतिनिधि। पालोजोरीरी के 50 के आसपास एमडीएम आच्छादित सरकारी स्कूलों में चावल के अभाव में एमडीएम का संचालन बंद हो सकता है। स्कूलों में एमडीएम मद का चावल नहीं रहने व एमडीएम के बंद होने की संभावनाओं को देखते हुए कई स्कूलों के प्रबंधन समितियों अथवा संयोजकों द्वारा लिखित रूप से इसकी जानकारी बीईईओ पालोजोरी को दी गई है। हालांकि पालोजोरी के किसी भी स्कूल में एमडीएम के बंद होने की सूचना नहीं है। क्योंकि वैसे स्कूल, जहां चावल खत्म हो गया है, उन स्कूलों के स्कूल प्रबंधन समितियों द्वारा लोकल राशन दुकानदारों से चावल उधार लेकर स्कूलों में एमडीएम का संचालन किया जा रहा है।
हालांकि अगर यही स्थिति अगले कुछ दिनों तक रही तो कई स्कूलों में एमडीएम का संचालन बंद हो सकता है और बच्चों को मिड डे मील से वंचित रहना पड़ सकता है। क्यों है ऐसी स्थिति :-एमडीएम मद के चावल का आवंटन अब तक पालोजोरी के रामपुर गांव स्थित फ़ूड कारपोरेशन के गोदाम को नहीं की गई। जिसके कारण विभाग द्वारा स्कूलों तक चावल नहीं पहुंचाई जा सकी है। जानकारी हो कि रामपुर गांव स्थित झारखंड खाद्य निगम के गोदाम तक विभाग द्वारा पहले एमडीएम मद का चावल आवंटित की जाती है। उसके बाद स्कूल स्टेप डिलीवरी के माध्यम से वेंडर द्वारा स्कूलों तक चावल पहुंचाया जाता है, लेकिन अब तक खाद्य निगम के गोदाम तक ही विभाग द्वारा चावल का आवंटन नहीं की गई है। जिस कारण स्कूल स्टेप डिलीवरी के संचालक द्वारा स्कूलों तक चावल पहुंचने की प्रक्रिया शुरू भी नहीं गई है।क्या कहते हैं सहायक गोदाम प्रबंधक :-पालोजोरी के रामपुर स्थित खाद्य निगम के सहायक गोदाम प्रबंधक साहब सुभाष राय से संपर्क किया गया उन्होंने बताया कि खाद्य निगम के गोदाम को ही अब तक एमडीएम मद का चावल नहीं भेजा गया है और ना ही इसकी किसी तरह की सूचना विभाग द्वारा दी गई है कि चावल का आवंटन गोदाम को कब तक मिलेगा। इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं कर सकते हैं।
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