नागरिक सुविधाओं के लिए लगा दर्जनों मॉड्यूलर टॉयलेट यूरिनल बेकार
मधुपुर में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपए का बंदरबांट हुआ है। सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं की गई। नागरिकों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, और नगर परिषद पर आरोप है कि उन्होंने जनराशि का गलत इस्तेमाल किया है।

मधुपुर। शहरी क्षेत्र में स्वच्छता और नागरिक सुविधा के नाम पर करोड़ों रुपए बंदरबांट नागरिकों के लिए परेशानी का सब बना है। शहरी क्षेत्र में मूलभूत सुविधा का घोर अभाव है। करोड़ों खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय नगर निकाय चुनाव में मुद्दा नहीं बन पाया। नगर निकाय चुनाव में पार्टी समर्थित प्रत्याशी के बीच जोर आजमाइश हो रही है। अंदर खाने जात पात की चर्चा होती है, लेकिन बेकार पड़े सार्वजनिक शौचालय के संबंध में अधिकांश प्रत्याशी आवाज नहीं उठा रहा। नगर परिषद ने लाखों रुपए खर्च कर दो दर्जन से अधिक मॉड्यूलर टॉयलेट यूरिनल चौक-चौराहा, गली-मोहल्लों के विभिन्न स्थानों पर लगाया।
प्रत्येक मॉड्यूलर टॉयलेट यूरिनल के लिए करीब पांच लाख रुपए खर्च किए गए। शौचालय तो बना दिया गया लेकिन आज तक पानी की व्यवस्था नहीं की गई। मॉड्यूलर यूरिनल टॉयलेट टूटकर बेकार होने लगे हैं। आरंभिक काल से ही इसका इस्तेमाल राहगीर या आम नागरिक नहीं कर पाए। नागरिक समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार का कहना है सार्वजनिक शौचालय और मॉड्यूलर यूरिनल टॉयलेट के नाम पर करोड़ों रुपए की जनराशि का नगर परिषद के द्वारा गलत इस्तेमाल किया गया है। ठेकेदारों को खुश करने के लिए जहां-तहां सार्वजनिक शौचालय और मॉड्यूलर यूरिनल टॉयलेट बना दिया गया। स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधा की आड़ में अधिकारी और ठेकेदारों द्वारा जनता की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया है। इसकी जांच कर वरीय अधिकारी कार्रवाई करें। कन्हैयालाल कन्नू ने कहा कि कई बार सार्वजनिक शौचालय निर्माण और मॉड्यूलर यूरिनल टॉयलेट की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गांधी चौक का शौचालय नगर परिषद के स्वच्छता की कहानी बयां करता है। यहां संक्रामक बीमारी फैल सकती है। महिलाओं के लिए बाजार हाट में कोई शौचालय नहीं है। शौचालय बना दिया लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं किया यह सिर्फ दिखावा किया गया है। प्रदेश कांग्रेस की सचिव शबाना खातून ने कहा है कि मधुपुर शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय और मॉड्यूलर यूरिनल टॉयलेट निर्माण के नाम पर व्यापक गड़बड़ी की गई है। करोड़ों रुपए खर्च किए गए लेकिन शौचालय की सुविधा आम राहगीर, दुकानदार और नागरिकों को नहीं मिली। गांधी चौक, हटिया रोड में शौचालय का घोर अभाव है। महिलाओं के लिए कोई शौचालय नहीं है।
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