
जनभागीदारी संवेदीकरण कार्यशाला
देवघर में फाइलेरिया मुक्त देवघर के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनभागीदारी और मीडिया सहयोग की आवश्यकता को बताया गया। 2026 में झारखंड के 14 जिलों में एमडीए अभियान चलाया जाएगा।
देवघर। फाइलेरिया मुक्त देवघर के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान को सफल बनाने में जनभागीदारी और मीडिया सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया है। इसी कड़ी में रविवार को देवघर में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार तथा ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज़ के समन्वय में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अनुमंडल एवं जिला स्तर के अधिकारी, स्वास्थ्य पदाधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं सहयोगी संस्थाओं के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. बिरेंद्र कुमार सिंह ने झारखंड सरकार की फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने बताया कि 10 से 25 फरवरी 2026 तक झारखंड के 14 जिलों में एमडीए अभियान आयोजित किया जाएगा। 11 जिलों में दो दवाओं डीईसी और अल्बेंडाज़ोल, जबकि कोडरमा, पाकुड़ और सिमडेगा में तीन दवाओं डीईसी, अल्बेंडाज़ोल और आइवरमेक्टिन का सेवन कराया जाएगा। सीएस डॉ. बच्चा सिंह ने बताया कि एमडीए के दौरान स्वास्थ्यकर्मी पात्र लाभार्थियों को घर-घर जाकर दवा देंगे। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति दवा से अलग रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दवा के हल्के प्रतिकूल प्रभाव जैसे मितली, चक्कर या हल्का बुखार शुभ संकेत हैं और इसका मतलब है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया परजीवी नष्ट हो रहे हैं। सीएस ने यह भी कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन में जनभागीदारी और मीडिया सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 6577 लिंफोडिमा और 5710 हाइड्रोसील मरीज हैं, जिनमें से 88 प्रतिशत का हाइड्रोसील ऑपरेशन पूरा हो चुका है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि सकारात्मक और जागरूकता आधारित समाचार के माध्यम से लोगों को दवा सेवन के लाभों के प्रति प्रेरित करें। कार्यक्रम में डॉ. अभय कुमार यादव, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. हसीब, राज्य सलाहकार बिनय कुमार और पीरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि अविनाश ने फाइलेरिया की गंभीरता, इसके सामाजिक एवं मानवीय पहलू, और नियमित दवा सेवन के महत्व पर प्रकाश डाला। ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज़ के अंकित चौहान ने एमडीए के महत्व पर आधारित लघु वीडियो का प्रदर्शन किया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने जोर दिया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समुदाय, स्वास्थ्यकर्मी और मीडिया की सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों ने सकारात्मक रिपोर्टिंग और जन-जागरूकता अभियान में सहयोग देने का संकल्प लिया।

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