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चितरा : राजस्व गिरावट के कारणों की हुई पड़ताल

चितरा : राजस्व गिरावट के कारणों की हुई पड़ताल

संक्षेप:

चितरा,प्रतिनिधि।लगातार दो माह से जिला प्रशासन को अपेक्षित राजस्व नहीं मिलने की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त देवघर के निर्देश पर गुरुवार को

Jan 09, 2026 12:20 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवघर
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चितरा,प्रतिनिधि। लगातार दो माह से जिला प्रशासन को अपेक्षित राजस्व नहीं मिलने की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त देवघर के निर्देश पर गुरुवार को खनन विभाग की टीम ने चितरा कोलियरी का व्यापक निरीक्षण किया। जिला खनन पदाधिकारी सुभाष रविदास के नेतृत्व में खान निरीक्षक आकाश कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी कोलियरी पहुंचे और कोलियरी अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी के साथ खनन क्षेत्र व कोयला स्टॉक का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने गिरजा, 7 नंबर कोल डंप, खून खदान, तुलसीडाबर खदान एवं दमगढ़ा खदान का भौतिक सत्यापन किया। साथ ही उपलब्ध कोयला स्टॉक की स्थिति का भी सूक्ष्म अवलोकन किया गया, ताकि उत्पादन, भंडारण और बिक्री की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

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इस दौरान कोलियरी अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी ने प्रबंधन की ओर से कई गंभीर खामियों की ओर विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने बताया कि पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कोलियरी का समुचित विकास एवं विस्तार बाधित हो रहा है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में आ रही प्रशासनिक अड़चनों के चलते रैयतों की वंशावली प्रखंड स्तर से समय पर निर्गत नहीं हो पा रही है, जिससे खनन कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले का उत्पादन घट गया है, जिससे कोयले की बिक्री में भी भारी गिरावट आई है। पावर प्लांट के लिए कोयला आपूर्ति ठप हो चुकी है, जिसके चलते समय पर राजस्व भुगतान करना कोलियरी प्रबंधन के लिए कठिन हो गया है। मामले में जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि पिछले दो माह से जिला प्रशासन को राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था। इसी को लेकर उपायुक्त के निर्देश पर कोलियरी की वस्तुस्थिति जानने के लिए यह निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि कोलियरी का भौतिक सत्यापन कर लिया गया है और निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपी जाएगी। ताकि आगे आवश्यक प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णय लिया जा सके।