छोटे शहरों को बड़े विमानन नेटवर्क से जोड़ने को संशोधित उड़ान योजना
देवघर कार्यालय संवाददातादेवघर विमानपत्तन लिमिटेड द्वारा बुधवार को भारत सरकार की संशोधित उड़ान योजना के विस्तार और उसकी प्रमुख विशेषताओं की जानकारी द

देवघर कार्यालय संवाददाता देवघर विमानपत्तन लिमिटेड द्वारा बुधवार को भारत सरकार की संशोधित उड़ान योजना के विस्तार और उसकी प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी गई। देवघर एयरपोर्ट डायरेक्टर जॉय बनर्जी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के क्रम में जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में हवाई यात्रा को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के लिए संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का लक्ष्य छोटे शहरों को बड़े विमानन नेटवर्क से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इससे नए हवाई अड्डों का विकास हो सकेगा। देश भर में 100 नए हवाई अड्डों को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहाड़ी राज्यों, द्वीप क्षेत्रों, उत्तर-पूर्वी भारत और आकांक्षी जिलों में 200 हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। हवाई अड्डों के विकास के लिए राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धी मॉडल अपनाया जाएगा, जहां मांग और तत्परता के आधार पर चयन होगा। नए हवाई अड्डों के रख-रखाव और जनशक्ति लागत के लिए 3 साल का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा। योजना में राज्यों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। बड़े विमानों पर अधिक सीटों को किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि आम नागरिक आसानी से यात्रा कर सकें। एयरलाइंस के लिए वित्तीय सहायता की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है ताकि नए रूट व्यावसायिक रूप से स्थिर हो सकें। घरेलू विमान निर्माण इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए विमान अधिग्रहण में सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आर्थिक अवसरों को बढ़ाना और दूरस्थ क्षेत्रों में हवाई संपर्क सुनिश्चित करना है। कहा कि यह कदम विशेष रूप से झारखंड जैसे राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां देवघर जैसे केंद्रों के माध्यम से क्षेत्रीय पर्यटन और व्यापार को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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